SUPREME COURT: Reserved candidates who pass on merit will be eligible for general seats only – Supreme Court
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आरक्षित वर्ग के वे अभ्यर्थी जो सामान्य श्रेणी की कटऑफ से ज्यादा अंक लाते हैं, उन्हें अनारक्षित यानी जनरल सीट पर ही समायोजित किया जाएगा। अदालत ने इसे लंबे समय से स्थापित कानूनी सिद्धांत बताया।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि मेरिट के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों को सामान्य श्रेणी का ही अभ्यर्थी माना जाएगा। ऐसे उम्मीदवारों को आरक्षित कोटे में गिनना गलत होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के साथ केरल हाई कोर्ट के 2020 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को निर्देश दिया गया था कि मेधावी आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार को सामान्य सूची से हटाकर एक अन्य अनारक्षित अभ्यर्थी की नियुक्ति की जाए।
शीर्ष अदालत का यह फैसला देशभर में चल रही सरकारी भर्तियों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे मेरिट आधारित चयन को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।
