नीरज शर्मा संवाददाता शिवरीनारायण ✍️
शिवरीनारायण। भोगहापारा, महात्मा गांधी वार्ड क्रमांक 06 के निवासी श्यामजी कर्ष ने पड़ोस के 13 वर्षीय नाबालिग पंकज यादव द्वारा चाकू से जान से मारने एवं दो टुकड़ों में काट देने की धमकी दिए जाने के मामले में जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार बीती रात करीब 9 बजे नाबालिग पंकज यादव उनके घर के दरवाज़े पर पहुंचा और जोर-जोर से दरवाज़ा ठोकते हुए गाली-गलौच करता रहा। इस दौरान उसने गंभीर रूप से जान लेने की धमकी दी। घटना की सूचना दो बार 112 पर देने के बाद भी तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके बाद उन्होंने थाना शिवरीनारायण में लिखित शिकायत दी।
थाना प्रभारी ने पंकज के माता-पिता को बुलाकर समझाइश दी, परंतु कुछ देर बाद वापस लौटे पंकज ने फिर से श्यामजी कर्ष के घर पहुंचकर गाली-गलौच की और चाकू से मारने की धमकी दोहराई। शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसियों को भी उसने धमकाते हुए कहा कि “बीच में पड़े तो अंजाम बुरा होगा।” मौके पर पहुंची पुलिस टीम के सामने भी वह लगातार धमकियाँ देता रहा।
पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में रहा शामिल
स्थानीय लोगों और पीड़ित के मुताबिक नाबालिग पंकज यादव का नाम पहले भी कई अपराधी गतिविधियों, जैसे
– चोरी,
– छीना-झपटी,
– मारपीट,
– झगड़ा-फसाद,
– गाली-गलौच
जैसे मामलों में सामने आ चुका है।
परंतु उम्र कम होने के कारण हर बार उसे सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। इससे उसका हौसला बढ़ता गया और अब वह खुलेआम किसी को भी जान से मारने की धमकी देने लगा है।
पीड़ित का सवाल – क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?
श्यामजी कर्ष ने अपने आवेदन में पुलिस प्रशासन से यह गंभीर सवाल उठाया है कि—
“क्या प्रशासन किसी ऐसी घटना का इंतजार कर रहा है जिसमें किसी की जान चली जाए?
क्या उसके बाद ही कोई कठोर कार्रवाई की जाएगी?”
उनका कहना है कि नाबालिग का व्यवहार लगातार हिंसक होता जा रहा है, और यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वह किसी भी दिन गंभीर अपराध का कारण बन सकता है।
बाल सुधार गृह भेजने की मांग
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि आरोपी की उम्र को ध्यान में रखते हुए, पर उसके बढ़ते अपराधी रुझान को देखते हुए, उसे तत्काल बाल सुधार गृह भेजने की कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अनहोनी रोकी जा सके।
उन्होंने कहा कि—
“मैं परिवार का मुखिया हूँ, मेरी दो बेटियाँ हैं। लगातार मिल रही जानलेवा धमकियों से मेरा परिवार भय में जी रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी घटना की पूरी जिम्मेदारी किसकी होगी?”


