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Liquor Scam:  झारखंड के आईएएस अफसर विनय चौबे गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले से भी है कनेक्श 

Liquor Scam: झारखंड में शराब घोटाला मामले में वरिष्ठ IAS अफसर विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनका छत्तीसगढ़ शराब घोटाला से भी कनेक्शन बताया जा रहा है। अप्रैल 2023 में वह रायपुर में बयान दर्ज कराने के लिए गये थे। आज एसीबी ने कई घंटे की पूछताछ के बाद विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया।

 

 

झारखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कथित आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को मंगलवार (20 ) को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी ने बताया कि घंटों पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए गए चौबे को एसीबी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

 

 

झारखंड में शराब घोटाला मामले में संयुक्त आबकारी आयुक्त गजेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। दिन में एसीबी की टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर एटीएस मुख्यालय में लंबी पूछताछ की। बाद में आबकारी विभाग से जुड़े रहे दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सुबह करीब 11 बजे छत्तीसगढ़ एसीबी की टीम विनय चौबे के आवास पर पहुंची और आईएएस अधिकारी को अपने साथ ले गयी थी।

 

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दरअसल, 1999 बैच के आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री के सचिव समेत कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वहीं वर्तमान में पंचायती राज विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात हैं। एसीबी ने आबकारी विभाग के सचिव के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान आबकारी नीति में अनियमितताओं के आरोप की जांच शुरू की है।

 

छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में भी हुआ घोटाला

विनय चौबे का यह मामला झारखंड में 31 मार्च 2022 से नयी उत्पाद नीति से संबंधित है। आरोप है कि जनवरी 2022 में झारखंड में उत्पाद नीति में बदलाव के लिए छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के साथ तत्कालीन उत्पाद सचिव और अन्य अधिकारियों ने प्लान किया और रायपुर में बैठक की थी। यह भी आरोप है कि उत्पाद नीति लागू होने के बाद भी लगातार 2 वर्षों तक झारखंड उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ की एजेंसियां कार्यरत रहीं। नकली होलोग्राम, अवैध शराब की सप्लाई से झारखंड सरकार को करोड़ों की क्षति हुई।

 

ACB छत्तीसगढ़ ने विनय चौबे के खिलाफ कार्रवाई की मांगी है अनुमति

विनय चौबे का छत्तीसगढ़ शराब घोटाला से भी कनेक्शन बताया जाता है। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की आर्थिक अपराध शाखा ने पिछले दिनों झारखंड सरकार के कार्मिक विभाग को इससे संबंधित पत्र लिखा था। पत्र में कहा गया था कि छत्तीसगढ़ एसीबी विनय कुमार चौबे और उत्पाद विभाग के अफसर गजेंद्र सिंह के खिलाफ अभियोजन चलाना चाहती है और इसके लिए स्वीकृति चाहती है। वह दोनों अफसरों पर मुकदमा दर्ज करना चाहती है.

 

 

छत्तीसगढ़ शराब कांड में आरोपी हैं विनय चौबे, गजेंद्र सिंह

दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा ने शराब घोटाले का एक मामला दर्ज किया था। इसमें छत्तीसगढ़ के कई अफसरों के साथ-साथ झारखंड के विनय चौबे और गजेंद्र सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। विनय चौबे अप्रैल 2023 में छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में अपना बयान दर्ज करवा चुके हैं। विनय चौबे के अलावा करण सत्यार्थी ने भी अपना बयान रिकॉर्ड करवाया है।

 

विनय और करण ने रायपुर जाकर दर्ज कराया था बयान

झारखंड के अधिकारियों विनय चौबे और गजेंद्र सिंह पर आरोप है कि छत्तीसगढ़ के अधिकारियों अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी के सिंडिकेट के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ और झारखंड सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचायी। झारखंड कैडर के 2 आईएएस अधिकारी विनय चौबे और करण सत्यार्थी ने रायपुर जाकर ईडी के कार्यालय में अपना बयान दर्ज कराया था। झारखंड में भी एसीबी ने शराब घोटाला मामले में एक पीई दर्ज की थी। इसी मामले में विनय चौबे और गजेंद्र सिंह गिरफ्तार कर लिये गये हैं।

 

जेल जाने वाले झारखंड के तीसरे आईएएस विनय चौबे

 

 

झारखंड के पंचायती राज विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे राज्य के उन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की लिस्ट में शामिल हो गये हैं, जो पद पर रहते जेल गये। उन्हें छत्तीसगढ़ एसीबी ने मंगलवार को रांची से गिरफ्तार किया है। विनय कुमार चौबे के पहले पूजा सिंघल और रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन जेल जा चुके हैं। पूजा सिंघल जमानत पर बाहर आ चुकीं हैं। सरकार ने उनका निलंबन खत्म करने के बाद उनकी पोस्टिंग भी कर दी है। हालांकि, छवि⇔ रंजन अभी भी जेल में बंद हैं।

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