लखनऊ : यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा. मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने महंगाई, कानून-व्यवस्था समेत तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा विधायक आज पार्टी ऑफिस से विधान भवन तक पैदल मार्च करेंगे. हालांकि सपा के पैदल मार्च को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. अखिलेश यादव के आवास, सपा दफ्तर से लेकर रास्ते में कई जगह बेरिकेडिंग लगाई गई है.
उधर सपा के पैदल मार्च पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तंज कस्ते हुए कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है. अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी लगातार चार चुनाव हार चुकी है. सरकार जनता के मुद्दों पर काम कर रही है. ऐसे में सपा के पैदल मार्च का कोई मतलब नहीं निकलता. उधर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओमप्रकाश राजभर ने भी सपा के पैदल मार्च को ड्रामा बताया है.
सपा के पैदल मार्च को नहीं मिली अनुमति
इस बीच पुलिस प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के पैदल मार्च को अनुमति नहीं दी है. 9.30 बजे से अखिलेश यादव के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालना था. अब सपा विधायकों को राजभवन के पास ही रोक दिया जाएगा. इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. सपा विधायकों का आरोप है कि यह लोकतंत्र की हत्या है. अगर हम शांतिपूर्ण तरीके से सदन में जाना चाहते हैं तो दिक्कत क्या है?
सदन में शांति बनाए रखने की अपील
बता दें कि सत्र के पहले दिन कोई कामकाज नहीं होगा। दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्रवाई स्थगित हो जाएगी, लेकिन समाजवादी पार्टी के पैदल मार्च के ऐलान से राजधानी की सड़कों पर गहमागहमी देखने को मिल रही है. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने रविवार को सर्वदलीय बैठक की और सभी दलों से सदन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने की अपील की. सतीश महान ने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद और सकारात्मक चर्चा से लोकतंत्र मजबूत होता है. सभी दलीय नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया.

