विस अध्यक्ष ने रविशंकर शुक्ल व विद्याचरण शुक्ल को जयंती पर किया स्मरण

Date:

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पंडित रविशंकर शुक्ल व पंडित विद्याचरण शुक्ल की जयंती पर उन्हें स्मरण कर दी श्रद्धांजलि है। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने कहा कि, पंडित रविशंकर शुक्ल जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रसिद्ध नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आए नए राज्य मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री नियुक्त हुए थे।
पंडित रविशंकर शुक्ल को नए मध्य प्रदेश के पुरोधा के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, स्वदेशी खादी, राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा दिया और असहयोग सविनय अवज्ञा तथा भारत छोड़ो आंदोलन में शीर्षशत्तर भूमिकाएं निभाई। 1923 में नागपुर में आयोजित झंडा सत्याग्रह में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व 4 जुलाई, 1937 ई. को श्री खरे के प्रथम कांग्रेसी मंत्री मंडल में शिक्षा मंत्री के रूप में सम्मिलित हुए तथा विद्या मंदिर योजनाओं को क्रियान्वित किया।

विस् अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राजनीति के कद्दावर नेता शहीद विद्याचरण शुक्ल जी की जयंती अवसर पर कहा कि, विद्याचरण शुक्ल जी ने मॉरिस कॉलेज नागपुर से बीए करने के बाद एल्विन कूपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरुआत की। 1957 में कांग्रेस के टिकट पर वीसी शुक्ल ने महासमुंद सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा। उन्होंने सीट से बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया और भारतीय संसद में सबसे युवा सांसद बने। इस सीट से वे नौ बार लोकसभा का चुनाव जीते। 1966 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के कैबिनेट में उन्हें मंत्री बनाया गया। अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने संचार, गृह, रक्षा, वित्त, योजना, विदेश, संसदीय आदि मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। प्रधानमंत्री नरसिंह राव जी के नेतृत्व में संसदीय मामले और जल संसाधन मंत्री रहे। शहीद पंडित विद्याचरण शुक्ल जी की एक लंबी राजनीतिक गाथा है। छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय पटल पर उनके नाम से जाना जाता था।

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में बिखरे लोक-संस्कृति के रंग, जिला स्तरीय ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन

जगदलपुर: बस्तर की आदिम संस्कृति, पारंपरिक खानपान और अनूठी...