परियोजनों दफ्तर में अधिकारी कर्मचारियों की मनमानी आने जाने पर पाबंदी नहीं

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मुन्ना पांडे
लखनपुर –(सरगुजा) शासन प्रशासन स्तर से जहां सभी दफ्तर मुख्यालय में अधिकारी कर्मचारियों के आने जाने की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। बाद इसके ब्लाक मुख्यालय के एकीकृत महिला बाल विकास विभाग कार्यालय में अधिकारी कर्मचारियों के आने जाने पर कोई पाबंदी नहीं है शासन के बनाए नियमों का इनके नज़र में कोई मायने नहीं हैं छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार एवं रविवार दो दिनों को अवकाश घोषित कर दिया है शेष बाकी दिनों में निर्धारित सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक कार्यालयीन समय रखा गया है। इस समय में अधिकारी कर्मचारियों को अपने मुख्यालय में रहने है परन्तु
महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय लखनपुर में अधिकारी कर्मचारी आये दिन 11:30 बजे पहुंचते हैं इनके द्वारा शासन के आदेश का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है । अधिकारी कर्मचारियों के मुख्यालय में नहीं रहने कारण परियोजना कार्यालय में अव्यवस्था पसरी हुई हैं। लिहाजा दूरदराज कार्यालयीन कार्य से आने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एवं समूह के महिलाओं तथा अन्य दूसरे लोगों को समय पर अधिकारी कर्मचारी नहीं मिल पाते जिससे परेशानी होती है। सूबे के सरकार द्वारा जारी फरमान के मुताबिक शुरुआती दौर में सभी विभागों के दफ्तर समय पर खुल जाते थे और समस्त विभागों के अधिकारी कर्मचारी निर्धारित 10: बजे तक अपने मुख्यालय में हाजिर हो जाया करते थे इसका खास वजह यह था कि सरगुजा कलेक्टर सहित तमाम आला अधिकारी विभागीय कार्यालयों में दबिश बनाये हुए थे।
परंतु वर्तमान समय में कसावट ढ़ीली पड़ जाने से अधिकारी कर्मचारी नियम कानून को ताक पर रखकर बेखौफ मनमाने तौर से कार्यालय में पहुंच रहे हैं । कोई लगाम नही है शुरूआती अनुशासन ख़त्म सा हो गया है शासन के आदेश का माखौल उड़ाया जा रहा है। जिसका जीता जागता सबूत है महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय– जहां समय पर कोई कर्मचारी निर्धारित मुख्यालय में नहीं रहता एकाध लिपिक ऐसे भी पदस्थ हैं जो कार्यालयीन कार्य के बहाने अधिकांश समय किराना व्यवसायी के दरबार में अपना समय व्यतीत करते हैं घूमते फिरते नज़र आते हैं। अधिकारी लेखापाल परियोजना कार्यालय में तकरीबन 12:00 बजे पहुंचते हैं जिसके कारण दूरदराज से आए लोगों का कार्य भी प्रभावित होता है शासन का आदेश इनके नज़र में कोई एहमियत नहीं रखता।
महिला बाल विकास कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी दूसरे स्थान जिला मुख्यालय से आना जाना करते हैं जिसके कारण मनमाने ढंग से समय बे समय कार्यालय में आते और चले जाते हैं लेट से पहुंचने के कारण समय पर अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं होते जिससे कार्यालीन कार्य प्रभावित होता है दूरस्थ ग्रामीण अंचल से आए लोगों के काम भी प्रभावित होते हैं। एकीकृत महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय में लंबे समय से अव्यवस्था पसरी हुई है।

1-बयान-
इस संबंध में जिला परियोजना अधिकारी बसंत मिंज से पूछे जाने पर बताया गया कि परियोजना अधिकारी कभी कभार जिला मुख्यालय मीटिंग मैं रहने कारण अपने निर्धारित मुख्यालय में नहीं पहुंच पाती बाकी कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थित होना चाहिए। हाजिर नहीं होने की स्थिति में उनके ऊपर सस्पेंशन की कार्यवाही किया जाऐगा।

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