VIKSIT BHARAT SHIKSHA ADHISHTHAN BILL: Joint Parliamentary Committee meeting on ‘India Education Foundation Bill 2025’ concluded
VIKSIT BHARAT SHIKSHA ADHISHTHAN BILL: मुंबई में विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025′ पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को संपन्न हुई।
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित वरिष्ठ सांसद बृजमोहन ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के विभिन्न आयामों पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ विस्तृत चर्चा की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब हमारे उच्च शिक्षण संस्थान केवल डिग्री प्रदान करने वाले केंद्र न रहकर नवाचार, अनुसंधान और उद्योगों की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने वाले उत्कृष्ट संस्थान बनें।
प्रस्तावित विधेयक इसी दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पहल है, जो शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच एक मजबूत, अनिवार्य एवं संस्थागत सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।”
सांसद बृजमोहन ने बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और उद्योग का जुड़ाव जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। उन्होंने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के अंतर्गत आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वारा संचालित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि यह अनूठी पहल देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क (5 Pillars) के माध्यम से एक-दूसरे की संस्कृति और विकास मॉडल को समझने का अद्भुत अवसर दे रही है।
अब तक 5 सत्रों (Seasons) में 5,200 से अधिक छात्र इस राष्ट्रीय एकता अभियान से लाभान्वित हो चुके हैं और छठे सीजन की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि IRCTC जैसी नवरत्न कंपनियां वैधानिक प्रशिक्षुता अधिनियम और ‘प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना’ के तहत बड़े पैमाने पर युवाओं को जोड़ रही हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 (चरण-III) में IRCTC द्वारा 75 और प्रशिक्षुओं की नियुक्ति की योजना है, जो युवाओं के रोजगारोन्मुखी कौशल को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।
सांसद बृजमोहन ने कहा की यह विधेयक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में उल्लिखित कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण के उद्देश्यों को पूरा करने में बेहद सक्षम सिद्ध होगा।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग), रेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी तथा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों मुंबई विश्वविद्यालय, एसएनडीटी विश्वविद्यालय पुणे, वीएनआईटी (VNIT) नागपुर, आईआईआईटी (IIIT) वडोदरा और आईआईएम (IIM) मुंबई के शीर्ष प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।

