VARANASI TUFAIL PAKISTAN SPY CASE : Tufail of Varanasi caught in honey trap, arrested while spying for Pakistan, was in contact with more than 600 Pakistani numbers
वाराणसी, 23 मई 2025। VARANASI TUFAIL PAKISTAN SPY CASE वाराणसी निवासी मोहम्मद तुफैल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में उत्तर प्रदेश एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। तुफैल की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
हनी ट्रैप में फंसा तुफैल
VARANASI TUFAIL PAKISTAN SPY CASE तुफैल सोशल मीडिया के जरिए ‘नफीसा’ नाम की पाकिस्तानी महिला के संपर्क में आया, जिसके पति का संबंध पाकिस्तानी सेना से है। जांच में सामने आया कि नफीसा ने भावनात्मक और धार्मिक संवादों के ज़रिए तुफैल को हनी ट्रैप में फंसाया और भारत की संवेदनशील सूचनाएं जुटवाना शुरू कर दिया।
धार्मिक आयोजनों में सक्रिय, कट्टरपंथी विचारों से जुड़ाव
VARANASI TUFAIL PAKISTAN SPY CASE परिजनों के अनुसार, तुफैल धार्मिक प्रवृत्ति का था और उर्स, जलसे व तकरीरों में उसकी नियमित भागीदारी रहती थी। वह मौलवियों से करीबी संपर्क में रहता था। एटीएस को जांच में यह भी पता चला कि तुफैल ‘गजवा-ए-हिंद’ और शरीयत लागू करने जैसे कट्टरपंथी संदेश व्हाट्सएप ग्रुप्स में साझा करता था।
पाकिस्तान के संपर्क में 600+ नंबर, संवेदनशील जगहों की जानकारी भेजी
आरोप है कि तुफैल ने राजघाट, ज्ञानवापी, नमोघाट, रेलवे स्टेशन, लाल किला, जामा मस्जिद जैसे धार्मिक और संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें व जानकारियां पाकिस्तानी नंबरों पर भेजीं। वह करीब 600 से अधिक पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क में था और कई भारतीयों को पाकिस्तान से जुड़े ग्रुप्स के लिंक भी भेजे।
गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई
ATS को खुफिया इनपुट मिला था कि वाराणसी निवासी एक युवक भारत की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान को भेज रहा है। ATS वाराणसी यूनिट ने जांच शुरू की और तुफैल की गतिविधियों की पुष्टि होने पर 22 मई को वाराणसी के आदमपुर इलाके से उसकी गिरफ्तारी की गई। उसके खिलाफ एटीएस लखनऊ थाना में केस दर्ज किया गया है।
परिवार में सदमा, रिश्तेदारों को भरोसा नहीं
VARANASI TUFAIL PAKISTAN SPY CASE तुफैल की गिरफ्तारी से उसका परिवार हैरान और सदमे में है। उसके मामा के बेटे शकलेन ने बताया कि तुफैल एक सीधा-सादा धार्मिक युवक था, लेकिन शायद धोखे में आकर वह भटक गया। पर अब आरोप है कि तुफैल सिर्फ खुद ही नहीं, बल्कि दूसरों को भी पाकिस्तान के संपर्क में लाने का प्रयास कर रहा था।
