रायपुर। छत्तीसगढ़ को एक और वंदे भारत ट्रैन की सौगात मिली है। यह ट्रैन दुर्ग से विशाखापट्टनम तक इसी महीने से दौड़ने लगेगी। इसकी तैयारी में रेलवे मंडल जुटा हुआ है और रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। दरअसल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर दुर्ग से विशाखापट्टनम के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग की थी। इस बीच आचार संहिता लगने से इसकी अधिकृत घोषणा नहीं हो पाई। अब आचार संहिता हटने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है।
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग से वंदे भारत ट्रेन सुबह छह बजे चलेगी और फिर दोपहर ढाई बजे विशाखापट्टनम पहुंच जाएगी। इसके बाद वापसी के समय सवा तीन बजे विशाखापट्टनम से चलेगी और फिर देर रात 11.50 पर यह ट्रेन वापस दुर्ग पहुंच जाएगी। वर्तमान में बिलासपुर से नागपुर के लिए वंदे भारत विशाखापट्टनम के लिए वंदे-भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से दुर्ग से विशाखापट्टनम जाने के लिए दूसरी सीधी ट्रेन मिलेगी।इन दिनों दुर्ग-विशाखापट्टनम् वाल्टेयर एक्सप्रेस चल रही है। यह ट्रेन 48 स्टेशनों में रुकती है। इसमें करीब 16 घंटे का सफर होता है। इस तरह वंदे-भारत एक्सप्रेस में लगभग आधे समय में यानी 8.30 घंटे में विशाखापट्टनम पहुंच सकेंगे और उसी दिन काम पूरा करके वापस लौट भी लौट सकेंगे। इसकी औसत गति 66.47 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी।
यह ट्रेन दुर्ग से रायपुर, लखोली, महासमुंद, खरियार-रोड, कांटा-भांजी, टिटलागढ़, सिंगापुर-रोड, रायगढ़ा, पार्वतीपुरम् और विजयानगरम होते हुए विशाखापट्टनम पहुंचेगी। दोनों स्टेशनों के बीच ट्रेन को महज साढ़े आठ घंटे का ही समय लगेगा।
