KHABAR CHALISA SPECIAL (तिरछी नजर) : कैडर बदलेगा कैडर..

Date:

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

KHABAR CHALISA SPECIAL (Tirchi Najar): Cadre will change cadre..

नए साल में अंधाधुंध बैटिंग करने वाले आधा दर्जन आईपीएस अफसरों पर निगाह रखी जा रही है। इन अफसरों को जबरिया केन्द्रीयप्रतिनियुक्ति पर दिल्ली या अन्य प्रदेश भेजा जा सकता है। इसमें एसपी,आईजी से लेकर एडीजी तक के अफसर हैं।

हाल में केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने  उत्तराखंड और महाराष्ट्र के चर्चित दागदार अफसरों को अन्य प्रदेशों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा है।

छत्तीसगढ़ के इन अफसरों ने फील्ड में रहकर जमकर बैटिंग की है। ऐसे अफसरों के जमीनजायदाद ,ऑटोमोबाइल सहित अन्यव्यवसायों में निवेश की सूचना खुफिया एजेंसियों के पास पहुंचीं है। दो राज्यों में जबरिया प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के निर्णय के बादछत्तीसगढ़ में भी  इस तरह की हलचल है। खबर है कि कुछ अफसरों के नाम भेज भी दिए गए हैं। पिछले वर्षों में कुछ आईपीएसअफसरों को जबरिया रिटायरमेंट दिया गया था। उसी तर्ज पर जबरिया कैडर बदलने की कार्रवाई हो सकती है।

मैडम का खौफ

प्रदेश की एक साफसुथरी छवि की महिला आईएएस अफसर  की खौफ अधिनस्थ अफसर और कर्मचारियों में  देखने को मिल रहाहै।  महिला अफसर की अधिनस्थ अफसरों के पहले कपड़े और मोबाइल पर भी निगाह रहती है। पिछले दिनों  सीनियर अफसर केविभाग में  जूनियर महिला अधिकारी की नियुक्ति हुई। फाइल लेकर सीनियर अफसर बुलवाते तो सादा कपड़ा कम कीमत की मोबाइललेकर सामने हाजिर होते रहे हैं।   एक बार जूनियर महिला अफसर बनठन कर आफिस गई थी अचानक मैडम का बुलावा आया तोक्या करती बेचारी। घर जाकर कपड़ा और मोबाइल बदला फिर मैडम से मुलाकात कर विषयों पर चर्चा की। दरअसल सीनियर मैडमज्यादातर अफसरों  को भ्रष्ट्र और कामचोर मानती हैं और उसी निगाह देखतीं हैं और उसी अंदाज में बात करती हैं। इसलिए खौफ है। ऐसेसादगी का दिखावा जरूरी हो गया है।

अन्नामलाई का छत्तीसगढ़ कनेक्शन

आईपीएस की नौकरी छोडक़र तमिलनाडु की राजनीति में आए 38 वर्षीय अन्नामलाई पिछले दिनों रेप की एक घटना के बाद खुद कोसोंटा मारकर सुर्खियों में आए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने अन्नामलाई के बैचमेट छत्तीसगढ़ में भी हैं। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल भीजंवारा विसर्जन के समय सोंटा खाते थे। इसलिए इसकी चर्चा ज्यादा है।  यहां अन्नामलाई के बैचमेट आईपीएस अफसर उनसेवाट्सएप ग्रुप के जरिए जुड़े हैं और उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। अन्नामलाई की हौसला अफजाई भी कर रहे हैं। उनके सुझाव औरसमर्थन कर भविष्य में बड़े नेता बनने की बधाई भी दे रहे हैं।

बंगलेबंगले खाक छान रहे..

केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर सीएम विष्णु देव साय सहित तीन मंत्रियों ने नया रायपुर में नए घर का विधिवत पूजापाठ कर गृह प्रवेश करलिया है। लेकिन वास्तविक में सुदूर इलाके से आने वाले रामविचार नेताम छोड़कर कोई स्थायी तौर पर रहने को तैयार नहीं हैं।रामविचार अपने आफिस को नया रायपुर में पूरी तरह शिफ्ट कर दिए हैं परंतु कार्यालय पुराना आफिस में रखें हैं।

वन मंत्री केदार कश्यप के तीन आफिस हैं निजी बंगले के अलावा पुराना बंगले और नया रायपुर के नया बंगले में आफिस संचालित है।इसी तरह दयाल दास बघेल , और  महिला बाल विकास मंत्री राजवाड़े के दोदो बंगले हैं। इन बंगलों में जाने वाले ज्यादातर लोग भटकरहे हैं। कोई बोलता साब नया रायपुर में हैं तो कोई बोलता पुराने रायपुर में है।

क्षेत्र के लोगों को साब से मिलना कठिन हो गया है। चार पहिया वालों के लिए सुविधाएं बढ़ गई है। फिलहाल बाकी मंत्रियों का नयारायपुर जाना रूक गया है।

मिलर्स नेताओं पर शिकंजा

प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड धान खरीदी हुई है और यह अब भी जारी है। मगर इस बार जितनी अव्यवस्था पहले कभी नहीं हुई। इसके पीछेराइस मिलर्स की हड़ताल प्रमुख वजह रही है। यह बात भी सामने आई है कि सरकार और राइस मिलर्स के बीच गलतफहमी पैदा करनेमें दो मिलर्स पदाधिकारी की भूमिका  रही है।

सरकार ने अब परवाह किए बिना दोनों मिलर पर शिकंजा कस दिया है। उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी चल रही है। बाकी मिलरों कोबता दिया गया है कि उन्हें साथ लेकर आने पर कोई काम नहीं होंगे। यही नहीं, सभी जिलों में भाजपा समर्थित दोदो मिलर्स अधिकृतकिए गए हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर मिलर अपनी बात जिला प्रशासन के पास रखेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरणहोगा।यानी एसोसिएशन की भूमिका अब शून्य हो गई है।

कांग्रेस में वापसी पर अड़ंगा

कांग्रेस से निष्कासित एक नेता को लेकर चर्चा है कि उसने पार्टी में अपनी वापसी के लिए 25 पेटी खर्च किए हैं। ये बात ऊपर तक पहुंचगई, और नेताजी की वापसी का विरोध करने वाले एक पूर्व विधायक पर सख्ती दिखाने की कोशिश हुई, तो उन्होंने बंद कमरे में ऐसीऐसी बातें कह दी कि नेताजी की वापसी का फैसला टालना पड़ा।

नेताजी की दुबई शिफ्टिंग

राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि ईडी के घेरे में आए कांग्रेस के एक दिग्गज नेता दुबई में शिफ्ट हो गए हैं। कहा यह भी जा रहा है किनेताजी ने दुबई में बकायदा कारोबार भी शुरू कर दिया हैजो कि चल निकला है।

ईडी ने करीब डेढ़ साल पहले नेताजी को ढूंढने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन वो हाथ नहीं आए। नेताजी के ठिकानों में तलाशी भी हुईथी। कुछ लोग मानते हैं कि नेताजी अब लौट कर नहीं आने वाले हैं। सक्रिय राजनीति से एक तरह संन्यास ले लिए हैं। पीसीसी में जल्दही उनकी जगह नई नियुक्ति होने जा रही है। फिर भी नेताजी जैसा मैनेजमेंट को दूसरा कर सकेगा,इसको लेकर संदेह जताया जा रहाहै।

जांच से उठता भरोसा

चाहे छोटी अनियमितता हो या बड़ी, छोटी लापरवाही हो बड़ी, छोटा घोटाला हो या बड़ा हर मामले में जांच बैठाने की मांग उठती है।बहुत सारे मामलों में जांच बैठाई भी जाती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जांच का जो हश्र हो रहा है, उससे लोगों का भरोसा भी उठनेलगा है। लोग पहले ही अनुमान लगा लेते हैं कि किस जांच का क्या होने वाला है। जांच के नाम पर लीपापोती ही ज्यादा होती है। जांचके दायरे में आने वाले को भी पता होता है कि कुछ खोखे उसे खाली करने पड़ेंगे और उसे क्लीन चिट मिल जाएगी।

दिलचस्प यह है कि लोगों के पास कोई चारा भी नहीं है। इसलिए जांच की मांग करना उनकी मजबूरी है। पिछली सरकार में भी बहुतसारे मामलों में जांच बैठी, जिनमें से ज्यादातर का अतापता नहीं है। वर्तमान सरकार भी दर्जनों छोटेबड़े मामलों में जांच बैठा चुकी। इनमें से कुछ चल रही है, कुछ का कोई अतापता नहीं है।

जांच का जिम्मा देखने वाले एक ओहदेदार ने बताया कि उन्होंने भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात एक विभाग के बड़े अफसर को अपने यहां केअफसरों के जांच प्रकरण अपने पास भेजने के लिए कहा तो उन्होंने दो टूक कह दियाअपने यहां के मामले हम खुद निपटा लेते हैं।इससे समझा जा सकता है जांच कैसे निपटती है। कई दूसरे विभाग भी अपने स्तर पर जांच निपटा रहे हैं। ताकि विभाग का पैसा विभागके पास ही रहे, किसी दूसरे के हिस्से में ना जाए। जनता सिर्फ मीडिया में देखकर खुश हो जाती है कि अमुक अफसर के खिलाफ जांचबैठ गई है , बाकी आपस में हिस्सेदारी हो जाती है।

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related