महासमुंद, 22 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा जप्ती प्रकरण में सीजेएम न्यायालय महासमुंद ने बड़ा आदेश देते हुए तुमगांव थाने में जप्त प्रतिमा को छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे को सुपुर्दनामा पर देने का निर्देश दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद किसान संगठनों में उत्साह का माहौल है।
छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने बताया कि सुपुर्दनामा की राशि 10 हजार रुपये तय की गई है। आदेश प्राप्त होते ही सत्याग्रही किसान कलश यात्रा, बैंड-बाजा, पूजा-अर्चना और शुभ मुहूर्त में तुमगांव थाना पहुंचकर छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा को विधिवत प्राप्त करेंगे। इसके बाद “छत्तीसगढ़ महतारी अस्मिता यात्रा” गांव-गांव निकाली जाएगी।
किसान मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड और अवैध नूतन आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पौने चार वर्षों से आंदोलन जारी है। इसके बावजूद प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया। संगठन ने जिलाधीश महासमुंद पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने और अवैध उद्योगों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
किसान नेताओं का कहना है कि 08 अगस्त 2024 को सैकड़ों किसानों के साथ हाईकोर्ट के आदेश के तहत लगभग 40 एकड़ शासकीय, वन, सिंचाई विभाग, आदिवासी, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं किसानों की भूमि को मुक्त कराने का शपथ पत्र दिया गया था। तुमगांव तहसील न्यायालय में चली सुनवाई में किसानों के पक्ष को सही पाया गया, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि चंद घंटों में प्रशासनिक कार्रवाई कर छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा को जेसीबी मशीन के माध्यम से हटाया गया, जो छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर सीधा प्रहार है। संगठन ने इसे सरकार के लिए राजनीतिक और नैतिक रूप से नुकसानदायक बताया।
न्यायालय से सुपुर्दनामा आदेश मिलने के बाद कल न्यायालय परिसर में लड्डू बांटकर खुशी मनाने और उसके पश्चात तुमगांव थाना जाकर प्रतिमा प्राप्त करने की औपचारिक घोषणा की गई है।

