मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
पूरे बजट के दौरान एक बार भी हमारे सदन के सदस्यों ने टोका-टाकी नहीं की, यह इस बजट की सफलता है
इतनी पतली सड़क बनाई की तीन साल में ही उखड़ गई
उस समय छत्तीसगढ़ नक्सल गढ़ के नाम से जाना जाता था, लेकिन आज नक्सल घटनाओं में कमी आई।
3000 स्कुलों का बंद होना आपकी उप्लब्धि है।
आपने बोनस नहीं दिया और अब हमें कहते हैं कि बोनस दो। आपके कार्यकाल में किसान आत्महत्या करते थे।
27 लाख लोगों को मकान मिलता, आपके समय में सारी योजनाएं 60/40 की थी। क्षेत्र में 48 लाख हाउसहोल्ड है। हमने किसानों का कर्जमाफी की, 25 सौ में धान खरीदा, आज सभी अपने पसंद का मकान बना रहे हैं।
मेरे पास भारत सरकार के आंकड़े है, हमारे राज्य की सड़कों में 99.75 कार्यों को संतोषप्रद पाया गया।
जो लोग दुनिया में नहीं हैं, आप उनसे सवाल करते हैं। उत्तर पाने के लिए वहीं जाना पड़ेगा (व्यंग्य करते हुए)।
रिपेयरिंग की बात की 20-21 में हमने 6 हजार 20 किलोमीटर सड़कों के नवीनकरण का टेंडर किया, जिसमें 3342 किलोमीटर स्वीकृत हुए हैं बाकी में कार्य जारी हैं।
मेडिकल कॉलेज में हमारे तीन साल के कार्यकाल में कोरबा, कांकेर, महासमुंद और दुर्ग की स्वीकृति मिली है। जल्द ही कार्य शुरू होगा।
यहां के किसानो, मज़दूरो के हित में कर्ज लेना पड़े तो लेंगे लेकिन समझौता नहीं करेंगे।
हम लगातार रोजगार दे रहे हैं, इसलिए स्थापना व्यय बढ़ा है।
पूर्व मुख्यमंत्री जी से इतने असत्य कथन की उम्मीद नहीं थी। कुपोषण में कमी आई है।
हम बीपीएल, गरीब परिवार, 35 किलो प्रति परिवार चांवल दे रहे हैं।इस बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है।
प्रधानमंत्री आज छत्तीसगढ़ में किए गए गोबर से नवोन्मेष को पूरे देश में लागू करने की बात करते हैं।
कर्ज के प्रतिशत
उत्तर प्रदेश 92%
गुजरात 146%
मध्यप्रदेश 125%
हरियाणा 180%
छत्तीसगढ़ 82%
लाखों कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है जिसकी सभी लोग प्रशंसा कर रहे हैं
