कोरबा में ही नहीं जांजगीर-चांपा में भी फैला ‘फ्लोरा मैक्स’ कंपनी का मायाजाल, पुलिस ने ब्रांच मैनेजर समेत 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार…

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जांजगीर-चांपा। लुभावने बिजनेस स्कीम का झांसा देकर महिला समूहों को ठगी का शिकार बनाने वाले फ्लोरा मैक्स का मकड़जाल केवल कोरबा में ही नहीं समीप के जिले जांजगीर-चांपा में भी फैला हुआ है. कोरबा पुलिस के कंपनी के डायरेक्टर व अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांजगीर जिले में भी कंपनी के ब्रांच मैनेजर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा है. यह भी पढ़ें : महिलाओं से ठगी मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान, फ्लोरा मैक्स कम्पनी के खिलाफ जाँच टीम गठित…

प्रार्थिया नीरा साहू की ठगी की शिकायत पर चांपा पुलिस ने अलग-अलग जगहों छापेमारी कर कोरबा निवासी आरोपी ईश्वर दास महंत, जांजगीर-चांपा जिला निवासी संतोष दास मानिकपुरी और सक्ती जिला निवासी गोपी किशन सुखसारथी को पकड़ा. आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए लगभग 10-10 लाख रुपए लेना स्वीकार किया. आरोपियों के साथ कार्यालय से उपयोग किए कम्प्यूटर सेट, प्रिंटर, लेपटाप, नोट गिनने का मशीन, रजिस्टर और प्रचार-प्रसार की सामग्री बरामद किया है.

जानिए ठगी का नायाब तरीका

शिकायकर्ता नीरा साहू ने चाम्पा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 25 अप्रैल 23 से अखिलेश सिंह व उनके अन्य साथी फ्लोरा मैक्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी संचालित कर रहे थे. कंपनी का मुख्य ब्रांच कोरबा और चांपा में शाखा खोलकर एक व्यवसायिक स्कीम के तहत सदस्यों से 30-30 हजार रुपए जमा कराते थे, और हर महीने प्रत्येक सदस्य को 2.700 रुपए देने का वादा करते थे.

इसके साथ सदस्यों को 35000 रुपए का सामान जैसे साड़ी, बर्तन, जूते, आभूषण (बेनटेक्स) आदि सामान बेचने के लिए देते थे. इस सामान को बेचकर पुनः 35000 रुपए कंपनी में जमा करते थे. जिसमें से सदस्यों को 3500 रुपए कमीशन मिलता था. अगर कोई सदस्य सामान नही लेता था, उसे हर महीने 2700 रुपए 24 माह तक देने का झांसा देते थे. इसके अतिरिक्त सदस्यों को नए सदस्य जोड़ने पर प्रत्येक महीना 300 रुपए कमीशन के रूप में देते थे.

स्कीम के लालच में आकर ग्रामीण बैंको से लोन लेकर 30-30 हजार रुपए जमा किया गया है. लेकिन कंपनी सदस्यों को पिछले चार माह से वादा की गई 2700 रुपए देना बंद कर फरार हो गए. शिकायत पर आरोपियों के विरूद्ध चाम्पा थाना में अपराध क्रमांक 517/2024 धारा 318(2), 318(4), 111(1) (iii), 3(5) BNS एवं 6, 10 छत्तीसगढ़ निवेशकों का संरक्षण अधिनियम, 2005 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया.

बता दें कि कोरबा पुलिस ने कंपनी के डारेक्टर अखिलेश सिंह, कोरबा निवासी राजू सिंह और उनके सक्रिय सहयोगियों के साथ चाम्पा थाना के मामले वांछित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. जल्द ही चाम्पा पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन कर विधिवत उनकी भी गिरफ्तारी करेगी. पुलिस की अभी तक की जांच में पाया गया है कि जांजगीर चाम्पा जिले से 2700 लोगों के साथ फ्लोरा मैक्स कंपनी ने धोखाधड़ी की है. प्रकरण की विवेचना जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी कई प्रभावित सामने आ सकते हैं. वहीं दूसरी ओर जांजगीर-चांपा पुलिस आम जनता से अपील की है कि ऐसी धोखाधड़ी योजनाओं से सतर्क रहें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें.

 

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