TEACHER TRANSFER FAKE ORDER : छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के फर्जी तबादले का मामला

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TEACHER TRANSFER FAKE ORDER : Case of fake transfer of teachers in Chhattisgarh

बिलासपुर। TEACHER TRANSFER FAKE ORDER  छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के फर्जी तबादला आदेश का मामला सामने आया है। जांजगीर-चांपा की शिक्षिका ज्योति दुबे और सूरजपुर की श्रुति साहू तबादला आदेश लेकर बिलासपुर जिला शिक्षाधिकारी (DEO) कार्यालय पहुंचीं, लेकिन जांच में उनके दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद डीईओ ने आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया और दोनों शिक्षिकाओं को पूर्व कार्यस्थल पर लौटने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट में चुनौती, शिक्षिकाओं को मिली 10 दिन की राहत

TEACHER TRANSFER FAKE ORDER  तबादला आदेश निरस्त होने के बाद, दोनों शिक्षिकाओं ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर बिलासपुर डीईओ द्वारा जारी निरस्तीकरण आदेश को रद्द करने की मांग की। राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने बताया कि आदेश फर्जी पाए गए थे, इसलिए उसे रद्द करना आवश्यक था।

हालांकि, शिक्षिकाओं की ओर से पूर्व पदस्थ स्कूल में जॉइनिंग के लिए 10 दिन का समय मांगा गया, जिस पर राज्य सरकार ने आपत्ति नहीं जताई। जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए 10 दिन का समय देने का निर्देश दिया है।

अवर सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से हुआ फर्जीवाड़ा, FIR दर्ज

TEACHER TRANSFER FAKE ORDER  इस पूरे मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आरपी वर्मा ने रायपुर के राखी थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि अलग-अलग जिलों में करीब आधा दर्जन शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश उनके नाम और फर्जी हस्ताक्षर से जारी किए गए हैं।

ऐसे हुआ फर्जी आदेश का खुलासा

TEACHER TRANSFER FAKE ORDER  फर्जी आदेश की कॉपी प्राप्त स्कूलों को भेजी गई, जिसमें क्रमांक F3-27/2025/20 अंकित था और ‘आगामी आदेश तक पदस्थ करने’ की बात लिखी थी। आदेश में स्थानांतरण का कारण प्रशासनिक बताया गया था। चूंकि यह आदेश 1 मार्च को जारी हुआ, और उस दिन शनिवार की छुट्टी थी, इसलिए संदेह हुआ। जब मंत्रालय से पुष्टि की गई, तो सामने आया कि आदेश पूरी तरह फर्जी था।

अब यह जांच का विषय है कि इस फर्जी आदेश के पीछे कौन लोग हैं और इसमें कौन-कौन शामिल हैं।

बड़ी साजिश की आशंका, जांच जारी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संभावना है कि राज्य स्तर पर एक संगठित फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी स्थानांतरण आदेश की सत्यता मंत्रालय से जांचने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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