Tea-time Talk: Six accused arrested… so why was no action taken against the gold buyer? Questions are being raised.
पत्रकार दीपक तिवारी
कवर्धा: कवर्धा शहर से लेकर पूरे कबीरधाम जिले की चाय की दुकानों और चौक-चौराहों पर इन दिनों चैन स्नैचिंग मामले में हुई कार्रवाई को लेकर नई चर्चा गर्म है। बताया जा रहा है कि मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर आरोपी बनाया है। कार्रवाई के बाद पुलिस की पीठ थपथपाई गई कि चैन स्नैचिंग गिरोह का खुलासा हो गया।
लेकिन अब इसी मामले में एक सवाल लोगों के बीच तेजी से उठ रहा है अगर चोरी का सोना किसी व्यक्ति ने खरीदा था, तो उस कथित सोना खरीदार की भूमिका की जांच कहां तक पहुंची
चर्चा यह भी है कि पौड़ी क्षेत्र से जुड़े एक कथित सोना खरीदार से पूछताछ या उसकी भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन उसे आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? क्या उसकी भूमिका संदिग्ध नहीं मिली, या जांच में कोई और तथ्य सामने आया यह बात पुलिस की ओर से स्पष्ट होना बाकी है।
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से ऐसी चर्चा जरूर है कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के कहने पर कथित सोना खरीदार को आरोपी नहीं बनाया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए असली सवाल यह है कि पुलिस इस पूरे मामले में तथ्य सार्वजनिक करेगी या नहीं
अगर छह लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया गया है, तो जनता यह जानना चाहती है कि चोरी की गई चैन/सोना आखिर किसके पास पहुंचा, किसने खरीदा, कितने में खरीदा और उस खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कैसे हुई
चाय पर चर्चा में अब सवाल गिरफ्तारी से आगे बढ़कर पूरी कड़ी की जांच पर आ गया है। पुलिस ने अगर निष्पक्ष जांच की है तो दूध का दूध और पानी का पानी सामने आना चाहिए। और अगर किसी निर्दोष को छोड़ा गया है तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि क्यों।
क्योंकि मामला सिर्फ छह आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि चोरी के माल की पूरी कड़ी तक पहुंचने का है।
अब देखना यह है कि पुलिस इस उठती चर्चा पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है या फिर चाय की प्याली में उठता यह सवाल आने वाले दिनों में और गरम होता है।
