SONAM WANGCHUK RELEASE : Sonam Wangchuk released!
नई दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से खत्म करने का फैसला किया है। यानी अब सोनम वांगचुक को रिहा किया जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा था और 17 मार्च को अंतिम सुनवाई तय की गई थी। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे एंग्मो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर NSA के तहत की गई हिरासत को चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी. बी. वराले की बेंच ने कहा था कि अदालत पहले वांगचुक के भाषणों के वीडियो देखेगी। इसके लिए अदालत ने रजिस्ट्रार को स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया था।
वहीं सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने अदालत को बताया था कि इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अस्वस्थ हैं, इसलिए सुनवाई स्थगित करने की मांग की गई थी।
हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि मामले में बार-बार सुनवाई टलने से देश में गलत संदेश जा रहा है।
दरअसल केंद्र और लद्दाख प्रशासन का आरोप था कि पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के लिए सोनम वांगचुक जिम्मेदार थे। उस घटना में चार लोगों की मौत और 161 लोग घायल हुए थे। प्रशासन का कहना था कि सीमावर्ती इलाके में लोगों को भड़काने के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया था।
लेकिन अब केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उनकी NSA के तहत की गई हिरासत को रद्द कर दिया है, जिससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।

