SONAKHAN GOLD MINES : Excavation of Chhattisgarh’s first gold mines begins in Sonakhan, with the possibility of finding so many kilograms of gold.
बलौदाबाजार, 10 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ अब ‘सोने की धरती’ के रूप में अपनी नई पहचान बनाने जा रहा है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में राज्य की पहली गोल्ड माइंस की खुदाई आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों के अनुसार, यहां से लगभग 500 किलो सोना निकलने की संभावना जताई गई है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति को एक नई मजबूती मिलेगी।
वेदांता ग्रुप संभाल रहा संचालन
इस परियोजना की नीलामी में वेदांता ग्रुप ने सबसे ऊंची बोली लगाकर अधिकार प्राप्त किया था। राज्य सरकार से अनुमति और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद अब खनन कार्य पूरी गति से जारी है। प्रारंभिक जांच में यहां उच्च गुणवत्ता वाला स्वर्ण भंडार मिलने की पुष्टि हो चुकी है। आधुनिक मशीनरी और तकनीक की मदद से खुदाई कार्य को सटीकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है।
रोजगार और विकास का नया केंद्र बनेगा सोनाखान
गोल्ड माइंस परियोजना के तहत सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मजदूरों, तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों को काम मिलेगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। साथ ही, आसपास के गांवों में सड़क, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
इतिहास से आधुनिकता तक का सफर
सोनाखान क्षेत्र का उल्लेख ब्रिटिश शासनकाल से होता आया है, जब यहां सोने की खान होने की चर्चा थी, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण खनन संभव नहीं हो सका। अब आधुनिक तकनीक और राज्य सरकार के सहयोग से वह सपना साकार हो रहा है।
यह परियोजना न केवल छत्तीसगढ़ को स्वर्ण उत्पादन के मानचित्र पर एक नई पहचान देगी, बल्कि राज्य की औद्योगिक और आर्थिक दिशा को भी नई गति प्रदान करेगी।

