पूर्वोत्तर में कांग्रेस को झटके पर झटका…अब त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ी

Date:

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Tripura State President Quits Congress: पूर्वोत्तर में कांग्रेस को एक और झटका लगा है. त्रिपुरा कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष पीजूष कांति बिस्वास ने पार्टी छोड़ने का एलान किया है. उनके बेटे पूजन बिस्वास त्रिपुरा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. पिता की तरह ये भी पार्टी छोड़ेंगे. इसी हफ्ते असम से आने वाली बड़ी नेता और महिला कांगेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कांग्रेस छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था.

पीजूष कांति बिस्वास ने ट्विटर पर कांग्रेस छोड़ने का एलान किया. उन्होंने लिखा, “आज मैंने त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और राजनीति से संन्यास भी ले लिया है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सभी कांग्रेस नेताओं, सहयोगियों का आभार भी जताया है. पिजूष को डेढ़ साल पहले त्रिपुरा कांग्रेस की कमान मिली थी जब तब के प्रदेश अध्यक्ष प्रद्योत माणिक्य ने कांग्रेस छोड़कर अपनी अलग पार्टी बना ली थी

पिजूष ने कहा कि कार्यवाहक अध्यक्ष होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उन्हें पार्टी का सहयोग नहीं मिल रहा था. 2016 की प्रदेश कमिटी अब तक नहीं बदली गई थी जबकि इस बीच तीन प्रदेश अध्यक्ष बने. मैंने नई कमिटी बनाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं रहा, इसके बाद मैंने समझा कि राजनीति मेरे लिए ठीक नहीं है. मैं अपने पुराने पेशे यानी वकालत में लौटूंगा.

पिजूश और उनके बेटे सुष्मिता देव के करीबी माने जाते हैं. ऐसे में बिस्वास पिता-पुत्र के टीएमसी में शामिल होने के कयास लग रहे हैं. हालांकि जहां पिजूष ने कांग्रेस छोड़ने के साथ राजनीति से सन्यास का भी एलान किया तो वहीं उनके बेटे ने अगले कदम को लेकर तस्वीर साफ नहीं की है. एबीपी न्यूज से बात करते हुए पूजन ने कहा, “कल मैं भी कांग्रेस छोड़ दूंगा. फिलहाल टीएमसी या किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की योजना नहीं है.”

सुष्मिता देव को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्होंने हमेशा मेरी मदद की है. पार्टी छोड़ने को लेकर पिजूष के ट्वीट पर सुष्मिता ने ट्वीट किया, “आपका कार्यकाल कठिन था, भविष्य के लिए शुभकामनाएं”. जाहिर है सुष्मिता के ट्वीट से कयासों को और बल मिला है कि कांग्रेस छोड़ने वाले पिजूष और उनके बेटे भविष्य में टीएमसी का रुख कर सकते हैं. बेटे को लेकर पिजूष ने कहा कि वह अपने फैसले करने में सक्षम है.

त्रिपुरा में कांग्रेस 28 सालों से सत्ता से बाहर है. 25 सालों के सीपीएम सरकार के बाद बीते विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सरकार बनाई और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला. कांग्रेस की हालत लगातार कमजोर होती जा रही है. 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री बिप्लब देब से मुकाबले के लिए ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी अपनी ताकत झोंक रही है. माना जा रहा है कि टीएमसी के मिशन त्रिपुरा की कमान सुष्मिता देव को मिल सकती है.

इसी हफ्ते कांग्रेस ने झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार को त्रिपुरा का प्रभारी नियुक्त किया था. अब उसे नया प्रदेश अध्यक्ष भी नियुक्त करना होगा. नई टीम के सामने राज्य में पार्टी का अस्तित्व बचाने की चुनौती है

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

CG NEWS: महाविद्यालयों के पेंशनरों को बड़ा झटका! 

CG News: Major setback for college pensioners!     CG NEWS: छत्तीसगढ़...