SHANKARACHARYA CASE : Relief to Shankaracharya!
नई दिल्ली। यौन उत्पीड़न केस में बड़ी कानूनी राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जमानत दे दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि चार्जशीट दाखिल होने तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी।
जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने दोपहर 3:45 बजे यह फैसला सुनाया। हालांकि, राहत के साथ सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को मीडिया में बयानबाजी और इंटरव्यू देने से रोक दिया है। साथ ही शंकराचार्य के विदेश जाने पर भी रोक लगा दी गई है बिना कोर्ट की अनुमति वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ, तो जमानत रद्द की जा सकती है।
फैसले के बाद शंकराचार्य ने कहा कि ऐसे आदेश लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ाते हैं। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष ने साफ कर दिया है कि वे इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
पूरा मामला बटुकों से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। 21 फरवरी को FIR दर्ज हुई थी, जिसके बाद पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान जैसे कई अहम पहलू सामने आए।
27 फरवरी को ही हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अब जमानत मिलने से शंकराचार्य को बड़ी राहत मिली है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।

