RAVISHANKAR VERMA PSC TOPPER : रविशंकर वर्मा .. मेहनत और विश्वास से टॉप का सफर

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RAVISHANKAR VERMA PSC TOPPER: Ravi Shankar Verma.. journey to the top with hard work and faith.

रायपुर। कभी कोई नहीं कह सकता था कि एक छोटे से गांव के युवक, जो सरकारी ड्यूटी के बाद सिर्फ 9 घंटे पढ़ाई करता था, वो छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा में टॉपर बन जाएगा। बलौदाबाजार जिले के कुसमुंडी गांव के रविशंकर वर्मा ने यह कर दिखाया है। उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि अगर आपका विश्वास मजबूत हो, तो कोई भी मुश्किल आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।

रविशंकर वर्मा ने अपने 5वें प्रयास में सफलता प्राप्त की और इस बार वो CGPSC में टॉप कर गए। उनका सफर जितना प्रेरणादायक है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। सरकारी नौकरी के साथ-साथ हर दिन सिर्फ 9 घंटे की पढ़ाई में खुद को ढालते हुए, उन्होंने अपने सपने को हकीकत बना डाला। रविशंकर कहते हैं, “मेरे लिए तो सफलता निश्चित थी, लेकिन ये कभी नहीं सोचा था कि मैं टॉप करूंगा। मेरा फोकस हमेशा अपनी तैयारी पर था।”

सपनों का पीछा करते हुए –

रविशंकर का डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना हमेशा उनके साथ था। 2021 में जब उन्हें रोजगार अधिकारी के तौर पर सफलता मिली, तब भी उन्होंने इस सपने को छोड़ने का नाम नहीं लिया। अपने जीवन के संघर्षों में सफलता की राह ढूंढते हुए, उन्होंने कभी भी हालात को अपने सपने के बीच में नहीं आने दिया।

उनके माता-पिता का आशीर्वाद और कड़ी मेहनत उनके सफर का अहम हिस्सा रहे हैं। पिता बालकृष्ण वर्मा किसान हैं, जबकि मां योगेश्वरी साहू गृहिणी हैं। रविशंकर वर्मा मानते हैं कि कामयाबी का एकमात्र राज कड़ी मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठा है।

समय का सदुपयोग –

जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या उन्होंने पीएससी की तैयारी के लिए 15-20 घंटे पढ़ाई की, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा, “मेरे पास ड्यूटी के बाद जो भी समय मिलता था, उसी में मैं अपनी पढ़ाई करता था। अगर आपका कांसेप्ट क्लियर है तो कम समय में भी अच्छी तैयारी हो सकती है।”

साथ ही, सोशल मीडिया से दूर रहने के सवाल पर रविशंकर ने कहा, “मैं पूरी तरह से सोशल मीडिया से दूर नहीं हो सकता था, क्योंकि मेरा काम ऐसा था, लेकिन मैंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल लिमिट में किया।”

एक्स्ट्रा माइल जाने की शक्ति –

रविशंकर का मानना है कि सही दिशा में मेहनत और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने से बड़ी से बड़ी बाधाएं पार की जा सकती हैं। उनके लिए ये साबित करने का समय था कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ, किसी भी सपना को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता एक संदेश है कि मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन मेहनत और सही दिशा में काम करने से हर मुश्किल आसान हो जाती है।

नए अध्याय की शुरुआत –

आज, रविशंकर वर्मा डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हो गए हैं। उनका यह सफर न केवल उनके लिए, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो मानते हैं कि अगर कोई चीज़ सच्ची मेहनत से की जाए, तो वो अंत में सफलता जरूर लाती है।

रविशंकर वर्मा की कहानी साबित करती है कि कभी भी हालात को आपके सपनों के आड़े नहीं आना चाहिए। मेहनत, विश्वास और समर्पण से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

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