CHHATTISGRH : Major revelation in hospital scandal… Recommendation to cancel license, 10 arrested
राजनांदगांव. राजनांदगांव के चर्चित नाबालिग प्रसूति कांड में अब बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कृष्णा हॉस्पिटल में सिर्फ लापरवाही ही नहीं, बल्कि पूरा संगठित खेल चल रहा था। अब पुलिस ने हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द करने और डायरेक्टर डॉ. दीपक पंसारी का मेडिकल रजिस्ट्रेशन खत्म करने की सिफारिश कर दी है।
एसपी अंकिता शर्मा ने नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजे पत्र में साफ लिखा है कि अस्पताल में अवैध तरीके से डिलीवरी कराई जा रही थी। रिकॉर्ड में हेरफेर, फर्जी एंट्री और गंभीर जानकारी छिपाने जैसे मामले सामने आए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यहां डॉक्टरों को सिर्फ 2000 रुपये में प्रति डिलीवरी के हिसाब से रखा जा रहा था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पूरा हॉस्पिटल गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बना हुआ था। नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध हुए और सिस्टम का जमकर दुरुपयोग किया गया।
डॉ. दीपक पंसारी, जो इस हॉस्पिटल के डायरेक्टर हैं, उनकी जिम्मेदारी निगरानी और नियमों के पालन की थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक उनकी भूमिका या तो मिलीभगत की है या फिर घोर लापरवाही की। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
इस केस में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि मुख्य साजिशकर्ता डॉ. विजय राज अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
अब सवाल ये है कि इतने बड़े खेल के बावजूद अब तक ऐसे अस्पताल कैसे चलते रहे? और क्या इस मामले में और बड़े नाम सामने आएंगे?

