ACB RAID BREAKING : 900 crore ‘tap’ scam… now attack on a big officer!
जयपुर। ‘हर घर नल’ योजना पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप अब सीधे बड़े अफसरों तक पहुंच गए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार तड़के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी।
ACB की कार्रवाई रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल समेत करीब 15 आरोपियों के ठिकानों पर की गई। जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर, जालोर के साथ बिहार और झारखंड में भी टीमें पहुंचीं। सूत्रों के मुताबिक, टेंडर आवंटन में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर चहेती कंपनियों को करोड़ों के काम देने का आरोप है।
घर पर पूछताछ, दस्तावेज खंगाले
रिटायरमेंट के कुछ समय बाद ही सुबोध अग्रवाल के घर ACB टीम ने दस्तावेज खंगाले और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल-जवाब किए। बताया जा रहा है कि कई डिजिटल साक्ष्य, डायरी और बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं।
किन-किन पर शिकंजा?
ACB के डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रहे इस ‘ऑपरेशन क्लीन’ में आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ अलग-अलग स्थानों पर जारी है और शाम तक कुछ औपचारिक गिरफ्तारियां संभव बताई जा रही हैं।
900 करोड़ का खेल?
यह पूरा मामला जल जीवन मिशन से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी अनुमानित राशि 900 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। इससे पहले पूर्व मंत्री महेश जोशी और कई इंजीनियर इस केस में जेल जा चुके हैं।
इस बार कार्रवाई का दायरा राजस्थान से बाहर बिहार और झारखंड तक फैलना इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसी कथित ‘बड़ी मछलियों’ तक पहुंच चुकी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में और कौन-कौन जांच के घेरे में आता है।

