Raigarh murder case: रायगढ़. एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या मामले का रायगढ़ पुलिस ने आज खुलासा किया. पड़ोसी लकेश्वर पटेल ने नाबालिग के साथ मिलकर पति-पत्नी और दो बच्चों की निर्मम हत्या की थी. आरोपी ने चरित्र शंका पर वारदात को अंजाम दिया. पूरा मामला खरसिया थाना क्षेत्र के ठुसेकेला राजीव नगर का है.
Raigarh murder case: घर में सो रहे आदिवासी परिवार के चार लोगों को एक-एक कर धारदार हथियार से वार कर मौत के घाट उतारा गया था. आरोपी लकेश्वर ने घटना को अंजाम देने से पहले बुधराम के घर की रेकी की थी. पुलिस ने घटना स्थल ले जाकर आरोपियों से पूरी घटना का री-क्रिएशन कराया. आरोपियों के मेमोरेंडम पर टंगिया, रॉड, गैंती, फावड़ा, कपड़े आदि साक्ष्यों की जब्ती कर आरोपी लकेश्वर पटेल और एक नाबालिग को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा.
खाद के गड्ढे से बरामद हुए थे पति, पत्नी और दो बच्चों के शव
Raigarh murder case: दरअसल, 11 सितंबर को ग्राम ठुसेकेला राजीव नगर के ग्रामीणों ने खरसिया पुलिस को सूचना दी थी कि बुधराम उरांव का घर अंदर से बंद है और बदबू आ रही है. एसपी दिव्यांग पटेल के साथ पुलिस की टीम एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की टीम मौके पर पहुंची. जांच में बुधराम उरांव (42), उसकी पत्नी सहोद्रा (37) और दो बच्चों अरविंद (12) और शिवांगी (5) के शव बाड़ी में खाद के गड्ढे से बरामद हुए. धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि पर थाना खरसिया में अपराध दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने भी घटना स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए. एसपी दिव्यांग पटेल ने विशेष टीमें बनाकर जांच तेज की.
आरोपी लकेश्वर और बुधराम के बीच चल रहा था विवाद
Raigarh murder case: जांच टीम को पड़ोसी लकेश्वर पटेल पर संदेह हुआ. साक्ष्य मिलने पर पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता है, उसका पड़ोसी बुधराम उरांव भी राजमिस्त्री का करता था. दोनों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था. आरोपी ने बताया कि वह पड़ोसी बुधराम की बाड़ी को खरीदना चाहता था, पर बुधराम ने जमीन बेचने से इंकार किया. करीब 6 माह पूर्व लकेश्वर के लड़के ने बुधराम के घर में घुसकर चोरी की थी, जिसे आपस मे सुलझा लिए थे.
प्लानिंग बनाकर वारदात को दिया था अंजाम
Raigarh murder case: आरोपी लकेश्वर पटेल अपने पड़ोसी बुधराम के चरित्र पर शंका करता था. इन सभी बातों को लेकर लकेश्वर पटेल बुधराम से रंजिश रखा हुआ था. वह बुधराम की हत्या की योजना बनाकर मौके की ताक में था. लकेश्वर ने घटना के पहले बुधराम के घर की रेकी की थी. 9 सितंबर की रात उसने बुधराम को खूब नशे में देखा था, उसी रात योजना के मुताबिक लकेश्वर और नाबालिग बुधराम के घर घुसे और सोए हुए बुधराम और उसकी पत्नी व दो बच्चों की हथियार से हमला कर हत्या कर दी. फिर शवों को बाड़ी में ले जाकर खाद में गड्ढा कर दफन कर दिया था.

