CG CONTROVERSY : Clarification on allegations against PSC
रायपुर। उद्योग विभाग में बॉयलर इंस्पेक्टर (निरीक्षक वाष्पयंत्र परीक्षा-2024) की नियुक्ति को लेकर मचे बवाल के बीच अब PSC ने खुलकर जवाब दिया है। आयोग ने 3 मार्च 2026 को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साफ कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से की गई है।
आयोग के मुताबिक दस्तावेज सत्यापन के समय जो नियम लागू थे, उन्हीं के आधार पर अधिकतम आयु सीमा तय की गई और उसी हिसाब से चयन हुआ। यानी उम्र को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उन्हें PSC ने सीधे तौर पर खारिज कर दिया है।

सबसे अहम बात आयोग ने यह भी कहा कि प्रथम चयनित अभ्यर्थी किसी भी सदस्य के रिश्तेदार नहीं हैं। सदस्यों के नाम जोड़कर जो भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे चयन प्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट में लंबित मामले में जो भी आदेश आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, इस पूरे मामले में बीजेपी नेता गौरीशंकर श्रीवास ने राज्यपाल से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि चयनित अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा से ज्यादा थे और नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने आयोग के तीन सदस्यों प्रवीण वर्मा, संत कुमार पासवान और सरिता उइके की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
अब PSC के इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद मामला और गरमा सकता है। सवाल ये है कि क्या आरोप यहीं थम जाएंगे या राजनीतिक लड़ाई और तेज होगी?

