रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन खरीदी की नई गाइडलाइन को लेकर राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही। कांग्रेस ने सरकार के फैसले को जनविरोधी बताते हुए तीखा हमला बोला है। वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे गए पत्र ने सियासत और गरमा दी है। पत्र सामने आने के बाद कांग्रेस ने कहा कि “अब खुद भाजपा के नेता ही इस फैसले को गलत मान रहे हैं”।
‘सरकार को अपने नेता ने ही बेनकाब कर दिया’
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नई गाइडलाइन दरों ने किसान, व्यापारी और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के 90% नेता और कार्यकर्ता भी इस फैसले से सहमत नहीं हैं।
बैज ने तंज कसते हुए कहा “बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को आईना दिखा दिया है। अगर उनकी चिट्ठी गलत है तो क्या भाजपा उन्हें नोटिस देगी?” कांग्रेस का कहना है कि गाइडलाइन बढ़ोतरी बिना सामाजिक और आर्थिक मूल्यांकन के लागू की गई है, जिससे सरकार “बेनकाब” हो गई है।
कांग्रेस का बड़ा आंदोलन जल्द
दीपक बैज ने घोषणा की कि कांग्रेस आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बड़े प्रदर्शन करेगी ।कांग्रेस के अनुसार व्यापारी, किसान और आम नागरिक भी गाइडलाइन के विरोध में सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
बृजमोहन की चिट्ठी में क्या लिखा था?
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा कि फैसला बिना जनपरामर्श के लिया गया।आर्थिक वास्तविकता को ध्यान में नहीं रखा गया।गाइडलाइन “अतार्किक और अव्यावहारिक” है, सरकार को इसे तत्काल स्थगित कर पुनर्विचार करना चाहिए ।उनकी चिट्ठी के बाद कांग्रेस ने इसे सरकार की “नाकामी का प्रमाण” बताया।
मामला क्यों बढ़ रहा है?
नई गाइडलाइन दरों के लागू होने के बाद जमीन खरीद महंगी हो गई, किसान और मध्यम वर्ग परेशान, रजिस्ट्री खर्च बढ़ने से व्यापारियों में नाराज़गी इसी मुद्दे पर अब कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच खुला टकराव दिख रहा है।

