नई दिल्ली। 27 देशों के यूरोपियन यूनियन (EU) के चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए इस बार के कई देशों की दक्षिणपंथी पार्टियों ने जीत हासिल की है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली ईयू चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। नतीजों पर मेलोनी ने कहा कि उन्हें इन नतीजों पर फक्र है। उन्होंने कहा कि मुझे फक्र है कि इटली यूरोप में सबसे मजबूत सरकार के तौर पर खुद को पेश करने जा रहा है।
जीत के बाद मेलोनी ने कहा कि ये शानदार नतीजे हैं. ये नतीजे राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इससे जॉर्जिया मेलोनी अपने देश के साथ यूरोप की मजबूत नेता के रूप में भी उभरी हैं। इस चुनाव में 720 सदस्यों को चुनने के लिए हुई वोटिंग में 99 फीसदी मतों की गिनती के बाद मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली ने 28.81 फीसदी वोट हासिल किए हैं।
क्या बदलेगा यूरोपियन यूनियन
ईय चुनाव में मेलोनी की पार्टी को मिली बड़ी जीत से ब्रसेल्स (ईयू हेडक्वार्टर) में उनका प्रभाव बढ़ेगा। ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के अगले कार्यकाल पर फैसले में भी मेलोनी की बड़ी भूमिका होगी। इसके साथ ही ईयू से जुड़े सभी छोटे-बड़े फैसलों में भी मेलोनी का दखल देखने को मिलेगा।
बता दें कि ईयू चुनाव छह से नौ जून के बीच हुआ था। इस चुनाव में लगभग 40 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया था। चुनाव की शुरुआत छह जून को नीदरलैंड्स में मतदान के साथ हुई थी। इस दौरान फ्रांस, इटली, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, इस्टोनिया, लिथुआनिया और स्वीडन जैसे तमाम यूरोपीयन देशों में जमकर वोटिंग हुई।
ये है यूरोपियन यूनियन
यूरोपीय संसद दरअसल यूरोपीय लोगों और यूरोपीय संघ की संस्थाओं के बीच संपर्क स्थापित करने की सीधी कड़ी है। यह दुनिया की अकेली सीधी चुनी हुई इंटरनेशनल सभा है। इसमें संसद के सदस्य यूरोपीय संघ के नागरिकों के हितों की बात करते हैं। मेंबर ऑफ यूरोपियन यूनियन (एमईपी) सदस्य देशों की सरकारों के साथ मिलकर नए-नए कानून बनाते हैं। वे ग्लोबल मुद्दों पर फैसला लेते हैं साथ ही ईयू का बजट तय करते हैं।

