MAHARASHTRA POLITICS: Will Sharad Pawar’s party extend support to the NDA?
MAHARASHTRA POLITICS: शरद पवार की पार्टी देगी मोदी सरकार को सपोर्ट?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ पर NCP के दिग्गज नेता जयंत पाटिल की बैठक के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
दिलचस्प बात यह है कि इस बैठक में जयंत पाटिल के साथ-साथ एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद थे।
तीनों नेताओं की मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ काफी लंबी चर्चा हुई, जिसने शरद पवार गुट के भीतर एक नए राजनीतिक संकट की ओर इशारा कर दिया है।
इस बैठक के बाद सियासी गलियारों में एक बार फिर भारी उठापटक और बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं।
इस सीक्रेट मीटिंग के पीछे केवल केंद्रीय राजनीति नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के भीतर शरद पवार की पार्टी का अंदरूनी संकट भी एक बड़ा कारण बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार गुट के कुल 10 विधायकों में से अधिकांश विधायक इस समय सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने के पक्ष में हैं।
ये मुलाकातें ऐसे समय में हुई हैं जब इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या पार्टी BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के करीब जा सकती है, जबकि NCP के दोनों गुटों को अंदरूनी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि बातचीत की कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसके समय ने इस बात पर नई बहस छेड़ दी है कि क्या महाराष्ट्र का राजनीतिक परिदृश्य एक और बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि डीलिमिटेशन संशोधन विधेयक में देश में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का फैसला होने पर शरद पवार की पार्टी बिल को समर्थन देगी। अमित शाह के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में शाह द्वारा इस प्रकार का प्रस्ताव लाने पर चर्चा हुई थी।
