KULGAM TERROR ATTACK : Father said – We were not even aware of the funeral….
रायपुर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के दो परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। आतंकियों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और फिर दीपक रात्रे व भूपेंद्र भैना को गोलियों से छलनी कर दिया। दोनों रोजी-रोटी कमाने कश्मीर गए थे, लेकिन अब उनकी मौत की खबर घर पहुंची।
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सबसे बड़ा विवाद यह है कि दोनों का अंतिम संस्कार कश्मीर में ही कर दिया गया, जबकि परिजनों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। राज्य सरकार ने दोनों परिवारों को 20-20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
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दीपक अपनी मां, दिव्यांग भाई, पत्नी और 2 साल के बेटे का इकलौता सहारा था, जबकि भूपेंद्र अपने पीछे 2 साल का बेटा, बहन और दादी को छोड़ गए। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।
