KHABAR CHALISA SPECIAL Peeking: Complaint against administrative head
पड़ोस के एक जिले के प्रशासनिक मुखिया के खिलाफ भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत आई है। बताते हैं कि गांवों में मुरूम आदि खननके परमीशन के लिए 15 रूपए प्रति क्यूबिक मीटर की डिमांड रख दी है। यह राशि पहले अधिकतम चार या पांच रुपए प्रति क्यूबिकमीटर हुआ करती थी। दरअसल, प्रशासनिक मुखिया रिटायरमेंट के नजदीक है और चर्चा है कि खनिज अफसरों पर दबाव बनाकरट्वेन्टी–ट्वेन्टी के अंदाज में बैटिंग कर रहे हैं। इससे परेशान भाजपा से जुड़े कारोबारी सीएम से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
डीजीपी अशोक जुनेजा को एक्सटेंशन?
छत्तीसगढ़ के डीजीपी अशोक जुनेजा दो महीने बाद रियाटरमेंट होगें उनकी जगह लेने के लिए कई आईपीएस अधिकारी प्रयासरत है।अरुणदेव गौतम, पवनदेव, हिमांशु गुप्ता सहित आधा दर्जन नामों की चर्चा है। सरकार बदलने के बाद डीजीपी बदलने का जोरदार हल्लामचा था। भाजपा नेताओं ने अशोक जुनेजा के खिलाफ लंबी–चौड़ी शिकायत भी की थी। लेकिन बाद में अशोक जुनेजा कीकार्यप्रणाली भाजपा नेताओं को भाने लगी है। अब चर्चा है कि अशोक जुनेजा को रिटायरमेंट के बाद 1 साल का सेवावृद्धि मिल सकताहै। लगातार नक्सली हमले में मिलती सफलता और केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय के चलते अशोक जुनेजा फिर से बाजी मार सकतेहै। छत्तीसगढ़ में नक्सली मामले में मिल रही सफलता से इन दिनों पुलिस के बड़े अधिकारी का ससम्मान बढ़ा है। आपरेशन में शामिल अधिकारियों को आगामी दिनो और तवज्जो मिलने की चर्चा है। गृहमंत्री विजय शर्मा की हाईकमान पूछपरख कर रही है।
आंय–बांय चलने वालों पर नज़र
विष्णुदेव सरकार भले ही साँय–साँय चल रही हो, मगर उनके कुछ मंत्री आंय–बांय चल रहे हैं। खबर है कि दो मंत्रियों को संगठन नेख़ासतौर पर राजनीतिक शुचिता क़ायम रखने की हिदायत दी है। बावजूद इसके वे हिदायत को नजरअंदाज कर रहे हैं। लोकसभा चुनावके नतीजे आने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार के आसार है। ऐसे में कुछेक की छुट्टी हो जाये तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
सिंधी समाज का दावा
लोकसभा चुनाव नतीजे से पहले ही रायपुर दक्षिण से टिकट के भाजपा में दावेदारी शुरू हो गई है। यहां से सिंधी समाज ने एकजुटतादिखा कर अपने समाज से प्रत्याशी तय करने पर जोर दे रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने समाज से एक भी टिकट नहीं थी। मगर लोकसभा चुनाव में सिंधी समाज ने एकजुटता दिखाई और सभीलोकसभा क्षेत्रों में सामाजिक बैठक कर भाजपा को वोट देने की अपील की। रायपुर में ललित जैसिंघ ने कमान संभाली थी।
टिकट के लिए ललित के साथ ही शदाणी दरबार के संत युद्धिष्ठरलाल के बेटे उदय का नाम भी चर्चा में है। इससे परे श्रीचंद सुंदरानी भीअपने लिए संभावना तलाश रहे हैं। अब समाज को प्रतिनिधित्व मिलता है, यह तो आने समय में पता चलेगा।
संबलपुर में भाजपाइयों का डेरा
प्रदेश के दर्जन भर भाजपा नेता ओड़िशा के संबलपुर पहुंचे, तो उनका स्थानीय नेताओं ने स्वागत किया। संबलपुर से केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्रप्रधान चुनाव मैदान में हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय और शिवरतन शर्मा सहित कई नेता वहां डटे हैं। पार्टी दफ्तर में सभी का परिचय दिया गया।इनमें भाजयुमो नेता आकाश विग को संबलपुर का दामाद बताया गया।
आकाश का ससुराल संबलपुर है और उनके ससुराल वाले बड़े कारोबारी भी हैं। आकाश, धर्मेंद्र प्रधान के करीबी भी हैं। छोटे बड़े नेताउन्हें पहचानते भी है। इस वजह से प्रचार में अलग से जिम्मेदारी दी गई है।
सरोज का क्या होगा?
कोरबा लोकसभा चुनाव का रिजल्ट को लेकर सट्टा बाजार भाजपा को भाव दे रहा है। भाजपा ने आक्रमकता के साथ चुनाव लड़ा है।बताया जाता है कि सरोज पांडेय के साथ दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में जो मुद्दा चुनाव के दौरान रहता है वहीं मुद्दा कोरबा लोकसभा चुनाव में भीरहा है। कोरबा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने सबसे बड़ा मुद्दा बाहरी प्रत्याशी का बनाया,भारी संख्या में बाहर से भाजपा कार्यकर्ता प्रचार केलिए भी पहुंचे थे। भाजपा के माइक्रो मेनेजमेंट के आगे महंत की बड़ी रणनीति सफल होती है या नहीं ,यह 4 जून को पता चलेगा, लेकिन सरोज की राष्ट्रीय राजनीति में धमक रह सकती है।
पुरंदर और केदार गुप्ता भी प्रचार में जुटे
उड़ीसा लोकसभा और विधानसभा चुनाव जिताने के लिए छत्तीसगढ़ के करीब डेढ़ सौ भाजपा नेता गए हैं। उड़ीसा विधानसभा चुनाव मेंस्टार प्रचारक के रूप में मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री अलग–अलग क्षेत्रों सभाए ले रहे हैं। पूरे चुनाव का देखरेख का जिम्मा केदार गुप्ता कोसंयोजक बनाकरऔर विधायक पुरंदर मिश्रा को सह–संयोजक बनाकर छत्तीसगढ़ से लगी लोकसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है।
उड़ीसा चुनाव को देखते हुए केदार गुप्ता और पुरंदर मिश्रा का पार्टी संगठन नें महत्व बढ़ा है। कई राजनीतिक विश्लेषक यह मान रहे हैकि आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल में पुरंदर मिश्रा को इसका फायदा मिल सकता है। वहीं केदार गुप्ता छत्तीसगढ़ से लेकर उड़ीसा तकपसीना बहा रहे हैं, इसलिए दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में विधायक के टिकट के लिए प्रबल दावेदार होंगे। लालबत्ती को केदार गुप्ताकी तय मानी जा रही है। उड़ीसा निवासी कई बड़े व्यापारी रायपुर आकर 25-30 सालों से बस गए हैं। इन लोगों को भी कई जिम्मेदारीदी गई है। सीएसआईडीसी पूर्व अध्यक्ष छगन मूंदड़ा भी उड़ीसा के कई इलाकों में सक्रिय है।

