JHIRAM GHATI CASE : Testimony related to Kawasi Lakhma mentioned in the Jhiram verdict, what is the whole matter?
रायपुर। झीरम घाटी हमले पर NIA की विशेष अदालत के हालिया फैसले के बाद मामले से जुड़ी गवाहियों और जांच के कई पहलू सामने आए हैं। 2013 के हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। अदालत ने सितंबर 2026 में 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया।
फैसले में हमले से पहले माओवादियों की कथित रेकी और तैयारियों का भी उल्लेख है। वहीं, एक अभियोजन गवाह की गवाही में तत्कालीन कांग्रेस विधायक कवासी लखमा से जुड़े कई दावे दर्ज हैं। गवाही में उनके फोन कॉल और हमले के दौरान एक माओवादी नेता से बातचीत का दावा किया गया है। ये गवाह के बयान हैं, अदालत का निष्कर्ष नहीं।
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गवाही के मुताबिक, हमले के दौरान नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल को अलग ले जाकर गोली मारी गई, जबकि लखमा और वाहन चालक को वहां से जाने दिया गया। इसके बाद दोनों दरभा थाने पहुंचे। इन बयानों और उनके साक्ष्य मूल्य को अदालत के पूरे फैसले के संदर्भ में ही समझा जाना चाहिए।
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर झीरम घाटी में हमला हुआ था। NIA अदालत में 13 साल बाद फैसला आया और 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई।
