SIR CONTROVERSY : World media on Delhi protests, increasing challenge for Modi government
रायपुर डेस्क। भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और नेताओं की हिरासत का मुद्दा भी चर्चा में है। इस विरोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रमुखता मिल रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इस आंकड़े और बदलावों के प्रभाव को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे हैं। भाजपा ने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है और चुनावी सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़ा है।
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युवाओं के आंदोलन पर दुनिया की नजर
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों में इस आंदोलन को मोदी सरकार के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा गया है। पुलिस कार्रवाई के दृश्यों और विपक्ष की सक्रियता को लेकर भी चर्चा हुई है। रिपोर्टों में यह सवाल उठाया गया है कि क्या सरकार विरोध को पहले की तरह कमजोर करार देकर आसानी से खारिज कर पाएगी।
आंदोलन की शुरुआत बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों से हुई थी। अब यह चुनाव व्यवस्था और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों तक पहुंच गया है। इससे विपक्ष को भी अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का अवसर मिल रहा है।
हालांकि, आंदोलन के आगे बढ़ने की राह आसान नहीं है। नेताओं की हिरासत और शीर्ष नेतृत्व की गैरमौजूदगी से संगठनात्मक चुनौतियां सामने आई हैं। अब देखना होगा कि CJP और विपक्ष इस विरोध को कितनी दूर तक ले जा पाते हैं।
