IMA Passing Out Parade: Army gets its first 9 women officers!
देहरादून। NDA के दरवाजे महिलाओं के लिए खोले जाने के बाद साल 2022 में प्रवेश पाने वाली महिला कैडेट्स ने देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) से अपनी अंतिम पासिंग आउट परेड पूरी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे एक ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि और भी कई महिलाएँ ऐसा ही करेंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आउट परेड का निरीक्षण करते हुए कहा, “नौ महिला कैडेट्स को देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।
यह IMA के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। यह न केवल भारत की रक्षा सेनाओं के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर भारत के बढ़ते कदम का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
मुझे यकीन है कि और भी कई महिला कैडेट्स एकेडमी में शामिल होंगी।”
देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी ने एक ऐतिहासिक पल देखा, जब परमानेंट कमीशन के लिए महिला कैडेट्स के पहले बैच ने एकेडमी के पवित्र परेड ग्राउंड से ‘अंतिम पग’ उठाया।
इस शुरुआती बैच की नौ महिला कैडेट्स को उनके पुरुष साथियों के साथ लेफ्टिनेंट का पद दिया जाएगा।
उन्होंने चार साल की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की है, जिसमें खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में शुरुआती तीन साल की ट्रेनिंग भी शामिल है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत सभी विंग्स में महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन दिया गया है, लेकिन वे अभी भी सीधे IMA में शामिल होने की पात्र नहीं हैं।
उन्हें या तो NDA या चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) के ज़रिए अधिकारी बनना पड़ेगा।
IMA से 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के कुल 515 कैडेट्स (जिनमें नौ महिलाएँ भी शामिल थीं) को अधिकारी के तौर पर कमीशन किया गया।

