मातृ शक्ति अगर संकल्पित हो जाए तो समाज नशा मुक्त हो जाएगा – प्रमोद दुबे

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समाज कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में अर्पण कल्याण समिति का नशे के विरूद्ध युद्ध पर कार्यशाला
रायपुर
। मातृ शक्ति अक्षय तृतीया के अवसर पर अगर नशा मुक्त समाज का संकल्प लेती हैं तो वह अवश्य ही आने वाले समय में फलीभूत होगा। हमारी माता और बहनें किसी कार्य को करने के लिए ठान लें तो उसका परिणाम सुखद ही होगा। कार्य कठिन नहीं हैं,बस हौसला चाहिए। समाज को नशा मुक्त बनाने का हम लोगों ने जो  जनजागरूकता अभियान छेड़ा है उसमें महिलाओं को पूरे संकल्प से जुटना होगा और इस अभिशाप से समाज को मुक्ति दिलाना होगा।
रायपुर जिला समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक भूपेंद्र पांडेय के मार्गदर्शन में अर्पण कल्याण समिति द्वारा राजधानी के पं. भगवती चरण शुक्ल वार्ड के अरविंद नगर में  आयोजित-नशे के विरूद्ध युद्ध-जनजागरूकता अभियान एवं कार्यशाला में  महिला समूह को संबोधित करते हुए रायपुर नगर निगम के अध्यक्ष प्रमोद दुबे ने कहा कि अक्षय तृतीया के मंगल दिवस पर हमें नशा मुक्त समाज का संकल्प लेना है नशा एक सामाजिक विकृति हैं इसलिए  समाज में ही लेकर इसे जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। श्री दुबे ने कहा कि हमारी माता -बहनों को घर और आसपास के नवयुवकों की गतिविधियों पर नजर रखना चाहिए और अगर उन्हें लगता है कि बच्चे अगर गलत रास्ते पर जा रहें हैं तो उन्हें समझना चाहिए। अगर घर में एक व्यक्ति को भी नशा की लत लग जाए तो वह बर्बाद हो जाता है। नशा के विरुद्ध जनजागरूकता के लिए शासन की ओर से अपने स्तर पर प्रयास हो रहे हैं,समाज कल्याण विभाग इस मुहिम में हर तरह से मदद कर रही है। श्री दुबे ने कहा कि  मै दावें के साथ कह सकता हूं कि मन में संकल्प शक्ति हो तो कोई भी चीज कठिन नहीं हैं। अगर हम आज नशा मुक्त समाज का संकल्प लेते हैं तो आने वाले समय में इसका अच्छा परिणाम मिलेगा।
शूद्धी मुक्ति नशा केंद्र के डायरेक्टर राजीव तिवारी ने कहा कि नशा के दुष्परिणाम बहुत ही भयावह होता है।  उन्होने कहा कि एंजायमेंट के लिए शुरू हुआ नशा कब लत में बदल जाता है लोगों को पता ही नहीं चलता और यह धीरे धीरे बीमारी में बदल जाता है। नशा की लत की वजह से लोगों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समय रहते नवयुवकों को नशा के दुष्परिणामों से अवगत कराके हम उसके परिवार को बिखरने से बचा सकते हैं। साइकोलॉजिस्ट निधि वर्मा ने जनजागरूकता कार्यशाला में उपस्थित महिलाओं को बताया कि बच्चे कैसे दोस्तों की संगति में नशा की लत का शिकार हो जाते हैं। नशे को छुड़ाने के लिए लोगों को मानसिक रूप से भी यह अहसास कराना होगा कि इसके दुष्परिणाम क्या हैं? सुश्री वर्मा ने महिलाओं को संकल्प दिलाया कि नशा के विरुद्ध युद्ध में पूरी निष्ठा के साथ लड़ाई लड़ेंगी। कार्यशाला में पुलिस विभाग से उपस्थित एस आई सरिता दुबे ने नशा के विरुद्ध लड़ाई में पूर्ण मदद करने कि बात कही। उन्होंने कहा कि नशेडिय़ों द्वारा अगर  कहीं पर भी शांति भंग किया जाता हैं तो हमें सूचित करें हम तत्काल कार्रवाई करेंगे। अर्पण कल्याण समिति के मृत्युंजय शुक्ला ने नशे के विरूद्ध उनकी संस्था क्या कार्य कर रही है उससे लोगों को अवगत कराया।  कार्यक्रम के अंत में आभार प्रकट करते हुए रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बाकर अब्बास ने कहा कि नशा एक व्यक्ति करता है लेकिन उसका असर परिवार के सदस्य और समाज पर पड़ता है। कम उम्र के स्कूली बच्चों में भी आज नशे की लत लग गई है। इसलिए नशा मुक्ति अभियान में हम सब को जुड़कर सामूहिक प्रयास करना होगा।

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