RAIN PMGSY ROAD : Rain exposes the truth in Gariaband, entire bridge washed away!
गरियाबंद। भारी बारिश ने जिले में ग्रामीण सड़कों और पुल-पुलियों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्राम पंचायत धनोरा के आश्रित ग्राम पीपलखुटा में पटेलपारा-पीपलखुटा नाला पर बना पुल तेज बहाव में बह गया। लोहारपारा नाला भी उफान पर है, जिससे करीब 700 ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
RAHUL GANDHI CG VISIT : ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारी तेज …
यह रास्ता गांव के लोगों के लिए बेहद जरूरी है। इसी मार्ग से स्कूल, आंगनबाड़ी और खेतों तक पहुंच होती है। अब पुल बहने से बच्चों से लेकर किसानों तक की परेशानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि धनोरा से पाटियालपारा जाने वाला मार्ग PMGSY के तहत बनाया गया था और करीब दो साल पहले इसकी रिपेयरिंग हुई थी। इसके बाद प्रभावी मरम्मत और निगरानी नहीं होने के आरोप हैं। बारिश आते ही पुल जवाब दे गया।
किसानों की भी बढ़ी मुसीबत
अभी खरीफ फसलों की कटाई का समय है। सड़क और पुल टूटने से किसानों को फसल खेत से घर और बाजार तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। आरोप है कि विभागीय अमला मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों को खुद ही रास्ता सुधारने की कोशिश करनी पड़ी।
सवाल यह है कि बारिश से पहले पुल-पुलियों का निरीक्षण क्यों नहीं हुआ? करीब 700 लोगों की आवाजाही प्रभावित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर कब पहुंचेंगे?
अब कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, क्षतिग्रस्त पुल को बहाल करने और धनोरा-पाटियालपारा मार्ग की पूरी जांच व स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
सवाल सिर्फ पुल बहने का नहीं, बारिश से पहले इसकी हालत की जांच और रखरखाव क्यों नहीं हुआ, इसका भी है।
