रायपुर: क़ानून व्यवस्था यदि ठीक से संचालित नहीं करेंगे तो स्थिति यही बनेगी. कोई भी महापुरुष हो, किसी भी धर्म का महापुरुष हो, उसके ख़िलाफ़ यदि कोई बात बोल रहे हैं तो आप पूरे छत्तीसगढ़ का अपमान कर रहे हैं. चाहे गुरु घासीदास जी के ख़िलाफ़ कोई बात कह रहा है या अग्रसेन महाराज जी के ख़िलाफ़ बात कर रहा है या झूलेलाल जी के बारे में कोई बात कह रहा है. वो संत महात्मा हैं, कोई भी बोले उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होना चाहिए और ये सरकार कार्रवाई नहीं कर पा रही है.
आप (मीडिया के लोग) मुझसे पूछ रहे हैं, इन मंत्रियों से क्यों नहीं पूछते आप? एक बयान भी आया है इसके बाद? कोई कार्रवाई तो छोड़िए, एक बयान ना गृहमंत्री का आया, ना उप मुख्यमंत्री का, ना मुख्यमंत्री का, ना किसी मंत्री का. ये कैसी सरकार है?
इसका मतलब ये है कि ये सरकार ख़ुद ही जातियों में समाज में विभाजन पैदा करना चाहती है इसलिए सरकार मौन है. इसका मतलब ये है कि सरकार ख़ुद ही इसको बढ़ावा दे रही है ताकि समाज में जो दूसरी समस्या हैं उससे ध्यान भटकाया जा सके. कितनी तो समस्याएं हैं, खाद की, बीज की, दवाई की, बिजली की, पढ़ाई की, इलाज की, विकास पूरा ठप्प है. दो साल से कहीं एक किलोमीटर सड़क नहीं बना है, मनरेगा में कोई काम नहीं हुआ है. पंचायत वाले जितने सरपंच हैं वो खाली बैठे हैं, जितने नगरीय निकायों में जीते हैं वो खाली बैठे हैं. कोई काम ना शहर में ना गांव में विकास कार्य हो रहा है. कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है तो इन सब बातों से ध्यान भटकाने के लिए ये ख़ुद ही प्रायोजित करवा रहे हैं, अब देख लीजिए कि वो किस से जुड़े हुए हैं. यदि अमित बघेल की बात करें तो भाजपा के पूर्व विधायक देवजी पटेल का साथी रहा वो.
