Trending Nowमनोरंजन

पीतल के बर्तन में खिचड़ी बनाते हुए ईशा देओल ने दी पोंगल की बधाई ,जानें पीतल के बर्तन में खाना बनाने के फायदे

सबसे पहले आप सभी को पोंगल (Pongal)की बहुत -बहुत शुभकामनाएं , आज पोंगल(Pongal)है और पोंगल के दिन हमारे देश के हर घर में या तो पोंगल या फिर खिचड़ी बनती है। और हर घर अलग -अलग तरीके से लोग इसे बनाते हैं। इस फेस्टिवल को बॉलीवुड सेलेब्स भी बहुत ही धूम -धाम से मानते है बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल( Esha Deol)के घर पोंगल के दिन पोंगल डिश को पीतल के बर्तन (Brass utensils) में बनाया जाता है। ईशा देओल को ये रेसिपी उनकी दादी ने सिखाई थी और अब वो इसे अपने बच्चों को खिलाना पसंद करती हैं।आपको बता दें कि पोंगल (Pongal) के दिन पीतल के बर्तन में खाना बनाने की दक्षिण भारत (South India )में बहुत मान्यता है। इसके पीछे का बड़ा कारण यह है कि इससे जुड़े हेल्थ बेनेफिट्स ( Health benefits of brass) है। पीतल के बर्तन में खाना बनाने से सेहत और स्वास्थ दोनों के लिए अच्छा होता है।

पीतल के बर्तन में खाना बनाने के फायदे –

सबसे पहले आपको बता दें की पीतल को कॉपर और जिंक दोनों को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें 70 प्रतिशत कॉपर और 30 प्रतिशत जिंक होता है।आयुर्वेद के अनुसार इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा टल जाता है,
जैसे – अनीमिया, हैजा, सूजन आदि।

बालों और स्किन के लिए भी पीतल को अच्छा माना जाता है।
पीतल में जिंक मौजूद होता है जो खून को साफ करता है।
रोज सुबह खली पेट पीतल के बर्तन में पानी पीने से शरीर में ताकत और इम्यूनिटी (Immunity) दोनों बढ़ती है।
पीतल के बर्तन में खाना बनाने से जो तेल निकलता है वो सेहत के लिए अच्छा होता है।
पीतल में मेलानिन होता है जो इसमें खाना बनाने से खाने में मिल जाता है। और ये आपकी स्किन को खतरनाक यूवी रेज से प्रोटेक्ट भी करता है।
और ये श्वास संबंधी समस्याों जैसे अस्थमा के लिए लाभकारी है।
पीतल के बर्तन में बना खाना खाने से पेट में ब्लोटिंग, जलन और एसिडिटी नहीं होती।
हार्ट बर्न से भी राहत मिलती है।
इस बात का ध्यान रखें कि इसपर ओक्साइड लेयर बन जाती है, इसलिए इसमें एसिडिक अथवा अमलीय खाद्य पदार्थ जैसे टमाटर, नीबू या विनेगर ना डालें।

आपको बता दें कि सेहत ही नहीं बल्कि भाग्य को भी चमकाने वाले होते हैं पीतल के बर्तन पीतल के पात्रों का महत्व ज्योतिष व धार्मिक शास्त्रों में भी बताया गया है। ज्योतिष में पीतल देवगुरु बृहस्पति का प्रिय धातु है माना गया है और इसके प्रयोग से बृहस्पति ग्रह की शांत किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार ग्रह शांति व ज्योतिष अनुष्ठानों में पीतल के बर्तन दान में दिए जाते हैं। पीतल के बर्तन वैवाहिक कार्य में वेदी पढ़ने के लिए और कन्यादान में भी प्रयोग होता है।

Share This:

Leave a Response

%d bloggers like this: