राजनांदगांव : जिले के डोंगरगढ़ में स्थित मां बमलेश्वरी मंदिर की महिमा देशभर में विख्यात है। यहां माता के दर्शन करने के लिए लाखों श्रद्धालु नवरात्र में पहुंचते हैं। यहां मेला भी लगता है। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। शारदीय नवरात्र सोमवार 26 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इस बार गजकेसरी योग में नवरात्रि की शुरुआत होने से ये लोगों के लिए बहुत शुभ है।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित मां बमलेश्वरी मंदिर में भी इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजनांदगांव कलेक्टर डोमन सिंह और एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के मार्गदर्शन में बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों के आने-जाने के लिए मार्ग का निर्धारण किया गया है। नवरात्रि में मां बमलेश्वरी के दर्शन के लिए प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से पैदल यात्री डोंगरगढ़ पहुंचते हैं।
यात्रियों के आने-जाने वाले मार्ग के लिए पुलिस ने रोड मैप भी जारी किया है। डोंगरगढ़ थाने में सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में शहर के दुकानदारों, होटल संचालकों, नारियल प्रसाद दुकानदारों और ऑटो चालकों की मीटिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के मुख्य मार्गों पर पुलिस जवान तैनात रहेंगे। पुलिस ने दुकानदारों से सीसीटीवी कैमरे अपनी दुकानों में लगवाने की अपील की है।
अंजोरा बाईपास से रोड के दाहिनी तरफ पदयात्री चलेंगे, जो कि अंजोरा बाईपास देवादा, टेडेसरा, सोमनी खुटेरी से होते हुए टोल प्लाजा ठाकुर टोला राम दरबार पेट्रोल पंप सर्विस रोड गौरी नगर, वैसलीन स्कूल के सामने पुराना रेस्ट हाउस, बीएनसी मिल चाल से सिविल लाइन, बजरंग चौक तुलसीपुर, कलेक्ट्रेट के पीछे ममता नगर रोड मोतीपुर अंडरब्रिज पहुंचेंगे। वहां से नवागांव, लिटिया, सुकुलदैहान, चंडीमंदिर, बेलगांव अछोली होते हुए डोंगरगढ़ जाएंगे।
वाहनों को वन-वे कर अंजोरा बाईपास से बाईं ओर चलाया जाएगा, जो सीआईडी बाईपास से रायपुर से आने वाले वाहन और सीआईडी बाईपास से ट्रांसपोर्ट नगर नेशनल हाईवे- 53 मार्ग से तुमड़ीबोड, चिचोला चला जाएगा। वहीं नागपुर की तरफ से आने वाली गाड़ियां ट्रांसपोर्ट नगर से फ्लाईओवर के दाहिनी ओर से उतरकर राम दरबार तक सीआईडी बाईपास से वन-वे मार्ग लेंगे। नवरात्रि के दौरान 15 सौ से 2 हजार पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
सोमवार 26 सितंबर को कलश स्थापना की जाएगी। शुक्ल प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर को तड़के 3:23 बजे शुरू होगी और 27 सितंबर के तड़के 3:08 बजे तक रहेगी। नवरात्र का आरंभ और कलश स्थापना 26 सितंबर को ही होगा। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 51 मिनट तक है। वहीं सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक चौघड़िया को अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है। यह सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।

