NEAL KATYAL PROFILE : Who is Neal Katyal? Defeated in court over Trump tariffs
नई दिल्ली। अमेरिका की राजनीति में बड़ा झटका तब लगा जब देश की सर्वोच्च अदालत, Supreme Court of the United States ने राष्ट्रपति Donald Trump के इमरजेंसी कानून के तहत लगाए गए टैरिफ को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि व्यापार नीति पर राष्ट्रपति की शक्तियां असीमित नहीं हैं।
इस फैसले के बाद जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वो है भारतीय मूल के वरिष्ठ वकील Neal Katyal। कात्याल ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि व्यापार को विनियमित करने की शक्ति भले ही कांग्रेस के पास है, लेकिन राष्ट्रपति उसे मनमाने ढंग से इस्तेमाल नहीं कर सकते।
कौन हैं नील कात्याल?
शिकागो में जन्मे कात्याल भारतीय अप्रवासी माता-पिता के बेटे हैं। उन्होंने Dartmouth College और Yale Law School से पढ़ाई की। बाद में वे सुप्रीम कोर्ट के जज Stephen Breyer के क्लर्क भी रहे।
वर्तमान में वे मिलबैंक एलएलपी में पार्टनर और Georgetown University Law Center में प्रोफेसर हैं। संवैधानिक और जटिल अपीलीय मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले कात्याल ओबामा प्रशासन में कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल भी रह चुके हैं। Barack Obama ने 2010 में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी।
बड़े केस, बड़ा नाम
कात्याल 50 से ज्यादा मामलों में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर चुके हैं। 1965 के वोटिंग राइट्स एक्ट की संवैधानिक वैधता की रक्षा से लेकर ट्रंप के ट्रैवल बैन को चुनौती देने तक, उनका रिकॉर्ड मजबूत रहा है। वे जॉर्ज फ्लॉयड मर्डर केस में विशेष अभियोजक की भूमिका भी निभा चुके हैं।
उन्होंने ‘Impeach: The Case Against Donald Trump’ नाम की किताब भी लिखी है। उन्हें अमेरिकी न्याय विभाग के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘एडमंड रैंडॉल्फ अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है। ‘द अमेरिकन लॉयर’ ने 2017 और 2023 में उन्हें ‘लिटिगेटर ऑफ द ईयर’ चुना, जबकि फोर्ब्स ने 2024 और 2025 में उन्हें अमेरिका के टॉप 200 वकीलों की सूची में शामिल किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद साफ है ट्रंप को अदालत से बड़ा झटका लगा है, लेकिन एक भारतीय मूल का नाम अमेरिकी सियासत और न्याय व्यवस्था के केंद्र में आ गया है।

