DISHA SALIAN CASE : Big twist in Disha Salian case after 6 years!
मुंबई। दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में बड़ा मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है।
CBI की FIR में दिशा की मौत की परिस्थितियों के साथ कथित आपराधिक साजिश, गैंगरेप और हत्या के आरोपों की भी जांच की बात कही गई है। इसके अलावा सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित हेरफेर और पुलिस रिकॉर्ड में बदलाव जैसे आरोपों की भी पड़ताल होगी।
CG VIRAL VIDEO : सड़क का वीडियो वायरल, CM ने लिया एक्शन!
FIR में कई लोगों और अधिकारियों की भूमिका की जांच का जिक्र है। इनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, तत्कालीन DCP विशाल ठाकुर समेत कई अन्य नाम शामिल हैं। हालांकि, FIR में किसी व्यक्ति की भूमिका की जांच होना उसे आरोपी या दोषी साबित नहीं करता।
मोबाइल फोन पर भी उठे सवाल
CBI की FIR में दिशा के मोबाइल फोन को लेकर भी कई सवाल दर्ज हैं। दस्तावेज में फोन की जब्ती, उसके बाद उसके एक्टिव रहने और उसके इस्तेमाल से जुड़े कथित विरोधाभासों की जांच की बात कही गई है।
FIR में यह आरोप भी दर्ज है कि मोबाइल से कथित तौर पर कुछ लोगों की पहचान करने की कोशिश की गई और फोन में मौजूद डेटा को एक्सेस, डिलीट या उसमें कथित छेड़छाड़ की गई। CBI इन दावों की जांच उपलब्ध डिजिटल और दूसरे सबूतों के आधार पर करेगी।
मेडिकल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
FIR में पोस्टमार्टम, मेडिकल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक जांच से जुड़ी सामग्री का भी जिक्र है। दिशा के वजाइनल और एनल स्वॉब्स लिए जाने तथा उन्हें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे जाने की बात दर्ज है। इन रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक हाईराइज बिल्डिंग से गिरने के बाद मौत हुई थी। छह दिन बाद 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई थी। दोनों मामलों को लेकर लंबे समय से कई तरह के सवाल और चर्चाएं होती रही हैं।
मुंबई पुलिस ने दिशा की मौत को पहले एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट के तौर पर दर्ज किया था। बाद की जांच में आत्महत्या की बात सामने आई थी और पुलिस ने साजिश या फाउल प्ले का सबूत नहीं मिलने की बात कही थी।
दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गैंगरेप और हत्या के आरोप लगाए थे। शुक्रवार को उन्होंने CBI अधिकारियों के सामने चार घंटे से अधिक समय तक अपना बयान भी दर्ज कराया।
अब CBI की जांच में सबसे बड़ा सवाल यही है कि FIR में दर्ज इन गंभीर दावों के पीछे कितने ठोस सबूत हैं और करीब छह साल पुराने मामले में जांच एजेंसी क्या नया तथ्य सामने ला पाती है।
