रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस्तर अब तेजी से बदल रहा है। कभी बंदूक और बारूद के धुएं से घिरा रहने वाला यह इलाका अब विकास और विश्वास की बयार से सराबोर हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियां बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कर एक नए युग में प्रवेश करा रही हैं। नारायणपुर जिले में मंगलवार को नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली, जहां 16 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में शामिल हो गए।
मुख्यमंत्री ने इस घटनाक्रम को “बस्तर के पुनर्जागरण की शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा कि “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे मानवीय अभियानों ने उन लोगों के दिलों में उम्मीद का दीप जलाया है, जो कभी भटक कर लाल आतंक का हिस्सा बन गए थे। अब यही लोग शांति,

