CG BREAKING : बार काउंसिल चुनाव रोकने पर हाईकोर्ट सख्त …

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CG BREAKING : High Court strict on stopping Bar Council elections…

बिलासपुर, 10 जनवरी। छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को आखिरी समय में रोके जाने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव केवल अफवाह या आशंका के आधार पर नहीं रोके जा सकते। चुनाव टालने के लिए ठोस, प्रमाणिक और रिकॉर्ड पर मौजूद कारण होना जरूरी है।

हाई कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को 48 घंटे के भीतर स्पष्ट जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पूछा है कि चुनाव रोकने के पीछे आखिर कौन-सा ठोस आधार था। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को तय की गई है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारियों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए प्रदेश प्रतिनिधि का चुनाव 9 जनवरी को होना था। लेकिन मतदान से ठीक तीन दिन पहले, 6 जनवरी को BCI के चेयरमैन ने आदेश जारी कर चुनाव पर रोक लगा दी। आदेश में चुनाव के दौरान लग्जरी कार और पैसे बांटे जाने की अफवाहों का हवाला दिया गया था।

हाई कोर्ट ने इस आदेश को अस्पष्ट बताते हुए सवाल किया कि इसके समर्थन में सबूत कहां हैं। कोर्ट ने कहा कि आदेश में किसी भी ठोस घटना या प्रमाण का उल्लेख नहीं है। वैधानिक संस्थाओं के चुनाव लोकतंत्र की रीढ़ होते हैं और उन्हें बिना मजबूत कारण के स्थगित करना अनुचित है। पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन केवल अपुष्ट जानकारी के आधार पर चुनाव रोकना गलत है।

चुनाव रोकने के आदेश के खिलाफ बीपी सिंह, जेके त्रिपाठी, अशोक तिवारी, फैजल रिजवी, संतोष वर्मा और चंद्र प्रकाश जांगड़े सहित 19 निर्वाचित सदस्यों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से दलील दी गई कि चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग यानी सदस्यों की खरीद-फरोख्त की आशंका थी। इसी कारण चुनाव टाले गए और हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है, जिसे 10 दिनों में रिपोर्ट सौंपनी है।

हाई कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि लंबे समय तक छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल का कामकाज ठप रहा था। फरवरी 2025 में हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो सकी थी। ऐसे में चुनाव में दोबारा देरी करना वकीलों के हितों के खिलाफ है।

 

 

 

 

 

 

 

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