CG BREAKING : High Court puts a break on constable recruitment!
रायपुर, 28 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2023 से चल रही 6,000 पदों की बहुप्रतीक्षित आरक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर कानूनी पेंच में फंस गई है। भर्ती में कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक नए नियुक्ति पत्र यानी ज्वाइनिंग लेटर जारी करने पर रोक लगा दी है। यह रोक 23 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी की गई। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि कम से कम 129 अभ्यर्थियों को जानबूझकर अनुचित लाभ पहुंचाया गया। आरोप है कि इन अभ्यर्थियों के फिजिकल टेस्ट से जुड़े आंकड़ों में हेरफेर कर उन्हें मेरिट सूची में आगे कर दिया गया।
याचिका में यह भी कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए CCTV कैमरों का फुटेज बाद में डिलीट कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि फुटेज सुरक्षित रहता, तो कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आ सकती थी। फुटेज के नष्ट किए जाने से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए कहा कि जब तक मामले की गहन जांच नहीं हो जाती, तब तक नई नियुक्तियों को आगे बढ़ाना उचित नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने नए ज्वाइनिंग लेटर जारी करने पर रोक लगाई है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्ति पत्र जारी हो चुके हैं, उन पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगेगी।
गौरतलब है कि यह भर्ती प्रक्रिया राज्य की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक है, जिसके लिए करीब 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से लगभग 40 हजार अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया था। शुरुआत से ही यह भर्ती विवादों और अड़चनों से घिरी रही है।
अब 23 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई में हाईकोर्ट यह तय करेगा कि भर्ती प्रक्रिया को आगे कैसे बढ़ाया जाए, आरोपों की जांच किस एजेंसी से कराई जाए और क्या पूरी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा या पुनर्मूल्यांकन की जरूरत है। फिलहाल कोर्ट के इस आदेश से आरक्षक भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है और लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

