CG SHARAB GHOTALA : Kawasi Lakhma appears in ED court
रायपुर। शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में पेश हुए। यह उनकी सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत के बाद पहली कोर्ट पेशी थी। करीब 379 दिन जेल में रहने के बाद 4 फरवरी 2026 को उन्हें जमानत मिली थी।
लखमा ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जमानत के दौरान वे ओडिशा के मलकानगिरी जिले में रहेंगे, जो छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की सीमा से सटा है। उनकी अगली पेशी 19 फरवरी 2026 को होगी।
साथ ही, उन्होंने आगामी छत्तीसगढ़ बजट सत्र में शामिल होने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को आवेदन दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में निर्णय विधानसभा अध्यक्ष करेंगे।
शराब घोटाले में लखमा पर आरोप
ED ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वे आबकारी विभाग में पद रहते हुए शराब सिंडिकेट को संरक्षण देते थे, जिससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ। ED के अनुसार, इस घोटाले के जरिए करोड़ों रुपए की अवैध कमाई हुई, जो अलग-अलग माध्यमों से इस्तेमाल की गई।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने लखमा को सशर्त जमानत दी। जमानत आदेश में कहा गया कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और बिना अनुमति राज्य से बाहर नहीं जाएंगे।
ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि शराब घोटाला तीन साल तक चला, और हर महीने लखमा को 2 करोड़ रुपए मिलते थे। कुल 36 महीनों में उन्हें 72 करोड़ रुपए मिले, जो उनके बेटे और कांग्रेस भवन के निर्माण में लगे।
शराब घोटाले का तरीका
ED की जांच में पाया गया कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट ने मिलकर यह घोटाला किया।

