CG POLITICS: Jaisingh Aggarwal expressed his pain in Congress meeting, raised questions on factionalism in the party.
कोरबा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज जिला स्तर पर बैठकें कर रहे हैं, ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट कर आगामी चुनावों के लिए तैयार किया जा सके। लेकिन कोरबा में आयोजित एक बैठक के दौरान पार्टी में व्याप्त गुटबाजी का दर्द सतह पर आ गया।
बैठक के दौरान पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने मंच से खुलकर कहा, “15 साल बाद सरकार बनी थी, लेकिन उसे संभाल कर नहीं रखा गया। अगर परिस्थितियां सही होतीं, तो आगे भी सरकार बन सकती थी। कोरबा के कांग्रेस साथी जानते हैं कि किन हालातों में दुर्व्यवहार हुआ।”
निकाय चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस
जनवरी में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। दीपक बैज जिला स्तर पर बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ा रहे हैं। बुधवार को कोरबा प्रवास के दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव जीतने की रणनीति पर चर्चा की।
गुटबाजी पर खुलकर बोले अग्रवाल
बैठक के दौरान जयसिंह अग्रवाल ने मीडिया के सामने पार्टी में गुटबाजी और नेताओं के साथ दुर्व्यवहार की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में आंतरिक कलह की वजह से कांग्रेस को नुकसान हुआ है। हालांकि दीपक बैज ने इन आरोपों पर न तो कोई प्रतिक्रिया दी और न ही समर्थन किया।
कानून व्यवस्था और धान खरीदी पर निशाना
बैठक के बाद दीपक बैज ने राज्य की कानून व्यवस्था और धान खरीदी पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “सूबे की सरकार को बने एक साल होने वाला है, लेकिन अब तक कोई बड़ा काम नहीं हुआ। अपराध का ग्राफ बढ़ा है और किसानों से किए गए 21 क्विंटल धान खरीदी के वादे पर सरकार खरी नहीं उतरी।”
कांग्रेस की चुनौती
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आगामी चुनावों से पहले आंतरिक गुटबाजी को खत्म करना है। अगर पार्टी समय रहते इन मुद्दों को हल नहीं करती, तो इसका असर निकाय और पंचायत चुनावों में भी पड़ सकता है।
