CG NEWS: Statehood activists allege land scam and protection of industrialists!
रायपुर। राजधानी के प्रेस क्लब रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलनकारी, संयुक्त किसान मोर्चा और सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में राज्य आंदोलन के वरिष्ठ नेता अशोक कश्यप ने छत्तीसगढ़ की जमीन और संसाधनों को लेकर बड़े आरोप लगाए।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद जो उद्योगपति यहां उद्योग लगाने के नाम पर आए, उन्होंने झूठा लाभ लिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को अपराधियों की तरह सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।
ये हैं प्रमुख आरोप
1. 55 लाख एकड़ जमीन का घोटाला – उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 55 लाख एकड़ शासकीय भूमि, काबिल कास्त भूमि, आदिवासी भूमि और वन भूमि को पटवारी से लेकर जिलाधीश, सचिव और भू-माफिया, उद्योगपति मिलकर खरबों की जमीन बेच खाए हैं। इसका शपथ पत्र सहित प्रमाणित दस्तावेज महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल को 30 तारीख को सौंपा गया है।
2. भिलाई स्टील प्लांट से लोहा और GST चोरी का आरोप – प्रेस वार्ता में वक्ता ने आरोप लगाया कि भारत सरकार के उपक्रम भिलाई प्लांट से हजारों करोड़ का लोहा चोरी कर बाजार में बेचा गया और सैकड़ों करोड़ का GST चुराया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में विष्णुदेव सरकार का संरक्षण है।
3. हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना – उन्होंने बताया कि महासमुंद में गैर औद्योगिक क्षेत्र में चल रही अवैध कंपनियों पर कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट बिलासपुर ने आदेश दिया था। तत्कालीन समय में विष्णुदेव साय ने कलेक्टर को कार्रवाई का निर्देश भी दिया था, लेकिन कलेक्टर ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करते हुए मामले को तहसील न्यायालय में जांच के लिए भेज दिया। जबकि SDM महासमुंद ने खुद हाईकोर्ट में शपथ पत्र दिया है कि किसान सही है, जमीन सरकारी और आदिवासी भूमि है जो किसी भी कीमत पर बिक नहीं सकती।
4. उद्योगपतियों को साढ़े तीन लाख करोड़ की ऋण माफी का आरोप – वक्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने ऐसे उद्योगपतियों के साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के लोन माफ किए हैं, जो देश के संसाधनों को लूट रहे हैं। रेलवे प्लेटफॉर्म पर पकड़े जाने पर 3 से 6 महीने की जेल होती है, लेकिन हजारों करोड़ की चोरी करने वाले मालामाल हो रहे हैं।
5. विनोद कुमार गर्ग और अवैध सीलिंग का मामला – उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अवैध जगह पर बनी कंपनी को सील किया गया, सील टूटने के बाद वहां दुर्घटना हुई, दो लोगों की मौत हुई और थाने में सूचना तक नहीं दी गई, लाश गायब कर दी गई।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह सभी आरोप RTI, कोर्ट के आदेश और शपथ पत्र के प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर लगाए जा रहे हैं। दस्तावेज राज्यपाल को सौंप दिए गए हैं और राज्यपाल कार्यालय से कार्रवाई के निर्देश जारी करने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हितों से जुड़े मुद्दों पर वे संविधान के रास्ते पर लड़ाई लड़ेंगे और आगामी दिनों में 2 अक्टूबर को रायपुर के छत्तीसगढ़ी भवन हांडीपारा में बड़ी बैठक कर दिल्ली में प्रदर्शन और आदिवासी संसद चलाने की तिथि तय करेंगे।
