CG News: बिलासपुर। जिले के सीपत क्षेत्र में बुधवार को ग्रामीणों की सतर्कता और सक्रियता के कारण एक बड़ी पीडीएस चावल तस्करी का मामला सामने आया। स्थानीय लोगों ने एक पिकअप वाहन पर शक किया, जिसमें भारी मात्रा में पीडीएस का चावल लदा था। गाड़ी में मौजूद व्यक्ति धनवंतरी भूषण कौशिक और ड्राइवर चावल को खुले बाजार में बेचने की कोशिश कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, चावल पकड़े जाने के पीछे राजनीतिक दबाव और सत्ता के दौरान किए जाने वाले अवैध कामों का जिक्र भी हो रहा है। बताया जाता है कि हर पार्टी में नंबर दो के दर्जे के कार्यकर्ता अपने राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठाकर ऐसे अवैध धंधों में शामिल हो जाते हैं। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब बिल्हा क्षेत्र में कांग्रेस नेता के मिल से भारी मात्रा में पीडीएस का चावल पकड़ा गया था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार के आने के बाद इस धंधे में भाजपा के कई कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन कार्यकर्ताओं का प्रमुख काम है राशन की दुकानों से 10 रुपए प्रति किलो मिलने वाले चावल को बाज़ार में बेचकर लाभ कमाना। जिले के हर ब्लॉक में लगभग चार-पाँच कार्यकर्ता इस अवैध धंधे में सक्रिय हैं। कभी-कभी ग्रामीण इन्हें हाथों-हाथ पकड़कर थाने तक ले जाते हैं। बुधवार की शाम को ग्रामीणों ने देखा कि एक पिकअप पर भारी मात्रा में पीडीएस का चावल लदा हुआ है। उन्होंने गाड़ी को रोककर जांच की तो उसमें सैकड़ों क्विंटल चावल पकड़ा गया। इसे बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पिकअप में मौजूद धनवंतरी भूषण कौशिक और ड्राइवर को ग्रामीणों ने पकड़कर सीपत थाने ले जाया और पुलिस के हवाले किया। इस दौरान भूषण कौशिक का बड़ा भाई, भाजपा नेता राज्यवर्धन कौशिक, स्थानीय स्तर पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा, लेकिन ग्रामीणों के सामूहिक विरोध के सामने उसकी कोशिशें असफल रहीं।
पुलिस ने पिकअप और उसमें लदे चावल को जब्त कर लिया है। वर्तमान में धनवंतरी भूषण कौशिक और गाड़ी का ड्राइवर थाने में हिरासत में हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चावल की यह तस्करी किन अन्य लोगों और संगठनों से जुड़ी हुई है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को सकारात्मक और समयोचित कदम बताया। उनका कहना है कि यदि ग्रामीण सतर्क और सक्रिय न होते, तो यह चावल खुले बाजार में बिककर सामाजिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाता। पुलिस ने बताया कि जिले में
पीडीएस का दुरुपयोग और तस्करी लगातार नजर में रखा जा रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस और ग्रामीणों के बीच सहयोग से अवैध गतिविधियों को कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति राशन घोटाले या तस्करी में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजनीतिक दबाव के बावजूद स्थानीय ग्रामीण अपने अधिकारों और सतर्कता के लिए तैयार हैं। बिलासपुर जिले में पीडीएस चावल तस्करी के मामलों में अब नागरिक और पुलिस का सक्रिय सहयोग बढ़ रहा है।

