CG ACCIDENT CASE: रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2023 से 15 नवंबर 2025 तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल 41,829 सड़क हादसों में 35,761 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 19,066 लोगों की जान चली गई। वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी, बेहतर सड़कों पर तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना, तथा परमिट नियमों का उल्लंघन जैसे कारण दुर्घटनाओं में वृद्धि के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार 1 जनवरी से सड़क सुरक्षा माह मनाने की तैयारी कर रही है।
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस नियम तोड़ने वाले चालकों पर चालानी कार्रवाई कर रहे हैं, फिर भी दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी नहीं आई है। अब विभिन्न राजमार्गों पर 84 एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान की जाएगी। ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण के लिए 16 स्टेटिक वे ब्रिज भी स्थापित किए गए हैं। 15 नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार 2023 से 2025 के बीच 41,829 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 35,761 लोग गंभीर घायल हुए और 19,066 मौतें हुईं।
दुर्घटनाओं में अनफिट वाहनों की भूमिका को देखते हुए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और कोरबा में ऑटोमेटेड फिटनेस स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं। वहीं जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, सूरजपुर, धमतरी, कांकेर और बालोद में नए एटीएस केंद्र प्रस्तावित हैं। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि राजमार्गों पर कैमरा निगरानी बढ़ाई जा रही है और हाईवे पेट्रोलिंग को सतर्क किया गया है। साथ ही वाहन चालकों से लगातार अपील की जा रही है कि वे यातायात नियमों का पालन करें।

