CG LEOPARD DEATH : Another wild animal dies in a densely forested railway section
बिलासपुर, 27 दिसंबर। बिलासपुर–कटनी रेल सेक्शन में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मालगाड़ी की टक्कर से एक तेंदुए की मौत हो गई। घटना के बाद एहतियातन मालगाड़ी को करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक मौके पर रोकना पड़ा, जिससे रेल परिचालन प्रभावित हुआ।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा अनूपपुर और जैतहरी रेलवे स्टेशन के बीच बेलिया रेल क्रॉसिंग के पास हुआ। सुबह के समय तेंदुआ रेलवे ट्रैक पर आ गया, तभी तेज रफ्तार मालगाड़ी उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इंजन के अगले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है।
घना जंगल, बार-बार हो रहे हादसे
बताया गया है कि भनवारटंक स्टेशन के बाद अनूपपुर से जैतहरी तक का पूरा इलाका घने वन क्षेत्र में आता है। इस सेक्शन में बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्यप्राणी अक्सर विचरण करते रहते हैं। कई बार ये जानवर भटककर रेलवे ट्रैक पर आ जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
30 से 45 मिनट तक रुकी मालगाड़ी
घटना के बाद ट्रेन चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को नियंत्रित किया। सुरक्षा कारणों से मालगाड़ी को करीब 30 से 45 मिनट तक वहीं खड़ा रखा गया। इस दौरान आसपास के ग्रामीणों ने ट्रैक पर पड़े तेंदुए के शव को देखा और वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग की कार्रवाई, पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई की। विभाग ने तेंदुए के पोस्टमार्टम के लिए बांधवगढ़ से विशेषज्ञ टीम को बुलाया है। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
बाउंड्रीवाल नहीं, खतरा बरकरार
रेलवे और वन विभाग दोनों का मानना है कि इस सेक्शन में कई जगहों पर बाउंड्रीवाल नहीं होने से वन्यप्राणियों की जान लगातार जोखिम में है। साथ ही ट्रेन चालकों को भी संचालन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है।
