CHHATTISGARH : Crores of rupees scam in the name of 11 firms, bank gets a shock!
बिलासपुर। बैंक ऑफ बड़ौदा की राजकिशोर नगर शाखा में 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित फर्जीवाड़े में EOW-ACB ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राहुल कुमार सिन्हा और विश्वजीत भौमिक के खिलाफ 30 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायालय, बिलासपुर में चालान पेश किया है। मामले में बैंक को कुल 5 करोड़ 4 लाख 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
जांच के मुताबिक, विश्वजीत भौमिक लोगों से छोटे ऋण दिलाने के नाम पर आधार, पैन, KYC दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और हस्ताक्षर लिए करता था। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों की जानकारी के बिना 11 फर्जी फर्में बनाई गईं। इनमें कुछ फर्मों के पंजीयन प्रमाणपत्र भी फर्जी पाए गए।
बैंक के नियमों को किया नजरअंदाज
विवेचना में सामने आया कि मार्च 2018 से मई 2019 के बीच तत्कालीन शाखा प्रबंधक राहुल कुमार सिन्हा ने इन फर्मों को कैश क्रेडिट, ओवरड्राफ्ट, बैंक गारंटी और टर्म लोन मंजूर किए। आरोप है कि जरूरी जांच और बैंक नियमों की अनदेखी की गई। ऋण की रकम कारोबार में लगाने के बजाय अलग-अलग खातों में भेजी गई और इसका अंतिम लाभार्थी भौमिक पाया गया।
जांच में किसी भी फर्म की वास्तविक व्यावसायिक इकाई नहीं मिली। सभी 11 ऋण खाते 2019 में NPA हो गए।
EOW-ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में चालान पेश किया है।
