BILASPUR CONTROVERSY : ASP पर मंथली वसूली का आरोप !

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BILASPUR CONTROVERSY : ASP accused of monthly extortion!

रायपुर। बिलासपुर में पदस्थ रह चुके और वर्तमान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में पदस्थ एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल एक गंभीर विवाद में घिर गए हैं। स्पा संचालक भाइयों ने हर महीने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए आईजी बिलासपुर से लिखित शिकायत की है। शिकायत के साथ एडिशनल एसपी के चेंबर में हुई बातचीत का वीडियो और व्हाट्सएप कॉलिंग के स्क्रीनशॉट भी सौंपे गए हैं।

हालांकि, लिखित शिकायत में सीधे तौर पर एडिशनल एसपी के नाम से पैसे लेने की बात नहीं कही गई है, लेकिन स्थानीय पुलिसकर्मियों द्वारा मंथली वसूली का आरोप लगाया गया है। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने एसएसपी बिलासपुर को सात दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

लोकेश सेन (36 वर्ष), निवासी रिंग रोड नंबर-2, ने आईजी को दी शिकायत में बताया कि वे महाराणा प्रताप चौक में ‘एक्वा वेलनेस प्राइवेट स्पा’ का संचालन करते हैं। उनकी दूसरी ब्रांच मंगला चौक स्थित 36 मॉल में है। स्पा में 14 कर्मचारी कार्यरत हैं और सभी नियमों के तहत संचालन किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थानीय पुलिसकर्मियों द्वारा हर महीने रकम की मांग की जाती थी।

शिकायत में कहा गया है कि मंथली नहीं देने पर बार-बार चेकिंग के नाम पर दबाव बनाया जाता है। ग्राहकों के सामने कर्मचारियों से अनावश्यक पूछताछ कर स्पा की छवि खराब की जाती है, जिससे व्यापार और प्रतिष्ठा दोनों को नुकसान हो रहा है।

ASP के चेंबर का वीडियो बना विवाद की वजह

शिकायत के साथ सौंपे गए वीडियो में स्पा संचालक और तत्कालीन एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल के बीच तीखी बातचीत देखी जा सकती है। वीडियो में एडिशनल एसपी कथित तौर पर “कमिटमेंट पूरी करने”, “टीम भेजकर रेड कराने” और “ग्राहक नहीं आने देने” जैसी बातें कहते नजर आते हैं। बातचीत के दौरान भाषा और लहजे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्पा संचालक अमन सेन का कहना है कि यह वीडियो 12 दिसंबर का है और यह शिकायत उन्होंने एडिशनल एसपी के जीपीएम ट्रांसफर के बाद दर्ज कराई है।

मंथली बंद होते ही रेड का आरोप

स्पा संचालकों का आरोप है कि दिसंबर के बाद उन्होंने पुलिस को मंथली देना बंद कर दिया था। इसी के बाद 6 जनवरी को स्पा पर छापा मारा गया, उनके भाइयों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, रातभर थाने में रखा गया और अगले दिन सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर जेल भेज दिया गया। हालांकि यह कार्रवाई एडिशनल एसपी के ट्रांसफर के बाद हुई।

आईजी ने दिए जांच के निर्देश

आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने एसएसपी बिलासपुर को निर्देश दिए हैं कि वायरल वीडियो, पेन ड्राइव में संलग्न साक्ष्य और स्पा संचालकों की शिकायत को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और आरोपों के घेरे में आए अफसरों पर क्या कार्रवाई होती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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